
इंदौर. ऐतिहासिक गुरुद्वारा बेटमा साहिब में नवीन दरबार हाल की छत (लेंटर) डालने की कार सेवा शुक्रवार सुबह से की जाएगी। इंदौर सहित आस-पास के शहरों से संगत बेटमा पहुंचकर इसमें शामिल होगी।
श्री गुरु सिंघ सभा इंदौर के अध्यक्ष मनजीतसिंह भाटिया व महासचिव जसबीरसिंह गांधी ने बताया, रोजाना बेटमा साहिब में साध-संगत दर्शन बढ़ता जा रहा है। उनकी भौतिक सुख-सुविधा को देखते हुए साध-संगत के बैठने के लिए नवीन दरबार हाल 12000 वर्गफीट पर बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य संत बाबा घोलासिंह सरहाली साहिब वालों के मार्गदर्शन में समाजजन द्वारा किया जा रहा है। कोई बाहरी मजदूर, कारीगर, इंजीनियर, ठेकेदार को नहीं लगाया है।
ऐसा होगा दरबार हाल
यह दरबार हाल में एक समय में तकरीबन चार हजार संगत बैठकर सत्संग कर सकेगी। हाल की उंचाई 12 फीट होगी, जिसमें 15 टन सरीया, 1200 बोरी सीमेंट, 100 मीटर रेती व गिट्टी लगेगी व सुबह यह कार सेवा प्रारंभ होगी व शाम तक सम्पूर्ण की जाएगी।
गंगवाल बस स्टैंड पर लगेगा काउंटर
पंजाब के सिख मिस्त्री व संगत ही कार सेवा अपने हाथों से करेगी। कार सेवा में शामिल होने हेतु इंदौर के अलावा देवास, उज्जैन, धार, रतलाम, खंडवा, सनावद, बड़वाह, महू, राऊ, पीथमपुर इत्यादि जगहों से साध-संगत सेवा करने हेतु बेटमा पहुंचेगी। शुक्रवार को जाने हेतु बसों का विशेष प्रबंध शहर के सभी गुरुद्वारों में किया है, गुरुसिंघ सभा द्वारा गंगवाल बस स्टैंड के बाहर भी एक काउंटर लगाया जा रहा है।
गुरुद्वारे का इतिहास
ऐतिहासिक गुरुद्वारा बेटमा साहिब में 500 वर्ष पूर्व गुरु नानक देव महाराज अपनी दूसरी उदासी (जन कल्याण भ्रमण यात्रा) पर इस पवित्र स्थान पर आए थे। यहां बाउली अर्थात कुआं है, जिस पर गुरुद्वारे का नाम बाउली साहिब रखा है। यहां का जल खारा होता था, गुरुनानक देव के समक्ष गांव के लोगों ने यह समस्या रखी तो गुरुजी की दया दृष्टि से खारा पानी मीठे में तब्दील हो गया।
Published on:
04 Jan 2018 01:01 am
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