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इंदौर में प्रदेश का पहला प्लांट जहां सीवरेज की गाद से बनेगी खाद

मुंबई के दल ने किया कबीटखेड़ी का निरीक्षण, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर का सहयोग लेंगे

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sewage plant indore

इंदौर. नगर निगम द्वारा कबीटखेड़ी में बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास 1 एकड़ जमीन पर सीवरेज की गाद से खाद बनाने की योजना को आकार देने की दिशा में काम शुरू हो गया है। निगम को उस तकनीक की जरूरत है, जिसके माध्यम से इस योजना को आकार दिया जा सके। निगम ने केंद्र सरकार के भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई से तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने को कहा था। कल इस सेंटर के वैज्ञानिकों का एक दल कबीटखेड़ी में निर्माणाधीन कार्य का जायजा लेने पहुंचा।
मुंबई से आए दल में एसोसिएट डायरेक्टर मिश्रा, भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सदस्य सचिव डॉ. ललित वात्सल्य, भाभा एटॉमिक बीआरसी के टेक्नोलॉजी ट्रांसफर डिवीजन के हेड कृष्ण गुप्ता और वैज्ञानिक पुरुषोत्तम श्रीवास्तव शामिल थे। दल ने इंदौर में कबीटखेड़ी में निर्माणाधीन कार्य का मुआयना करने के साथ गाद से खाद बनाने के काम के लिए अपनी ओर से सहयोग का वादा किया है। निरीक्षण के बाद दल ने इंदौर सिटी बस कंपनी ऑफिस के सभागार में नगर निगम अफसरों के साथ बैठक कर योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रोजेक्ट के लिए निगम द्वारा नियुक्त किए गए कंसल्टेंट अहमदाबाद के सुधीर दवे भी इस दौरान मौजूद थे।

100 मीट्रिक टन का प्लांट बन रहा
निगम ने बताया कि 22 करोड़ की लागत से १०० मीट्रिक टन क्षमता का प्लांट बनाया जा रहा है। इसमें सीवरेज के चैंबरों से निकलने वाली गाद से खाद बनाने की योजना है। इसके लिए वे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर से तकनीक प्राप्त करना चाहते हैं। रिसर्च सेंटर द्वारा इस प्लांट के लिए तकनीकी सहयोग देने पर सहमति जताई गई है। इसके साथ ही अब इस प्लांट का आकार लेना सुनिश्चित हो गया है। यह प्लांट मध्यप्रदेश में अपनी तरह का पहला प्लांट होगा। इसके माध्यम से तैयार होने वाली खाद का विक्रय कर निगम राजस्व अर्जित करेगा।