
indore zoo map
इंदौर.
खुले आकाश में विदेशी पक्षी जिस तरह से उड़ते हैं उसका अहसास इंदौर के लोग भी जल्द कर सकेंगे। पक्षियों के पिंजरे में जाकर उन्हें बेहद नजदीक से इंदौर के लोग देख सकेंगे। चिडिय़ाघर में इसके लिए 10 मीटर ऊंचाई का जो लगभग तीन मंजिला इमारत के बराबर होगा एक पिंजरा बनाया जाएगा। जो चारों और से केवल जालियों का बना होगा।
चिडिय़ाघर अब आम लोगों को पक्षियों से जोडऩे के लिए नया तरीका अपनाने जा रहा है। इसके तहत अब ऐसे पिंजरे बनाने की तैयारी की जा रही हैं, जिनमें पक्षियों के बीच जाकर जनता उनको हवा में उड़ते देख सके। इसे वॉक थ्रु एवेरी का नाम दिया गया है। चिडिय़ाघर के कान्ह नदी किनारे मौजूद पुराने खेतों की जमीन के पास इसे तैयार किया जाएगा। ये पिंजरा 200 फीट लंबा और 100 फीट चौड़ा होने के साथ ही 30 फीट से भी ज्यादा ऊंचा रहेगा। इस पिंजरे में दीवारें नहीं रहेंगी। इसमें चारों और जालियां लगी रहेंगी। जिसके अंदर पक्षियों के प्राकृतिक आवास को पेड़-पौधों सहित छोटे तालाब, फव्वारे भी बनाए जाएंगे। इसमें पक्षी खुले में उड़ते रहेंगे। जिन्हें जनता पास से देख सकेगी। इसके लिए नगर निगम ने काम भी शुरू कर दिया है। निगम ने इसके टेंडर जारी कर दिए हैं। जल्द ही ये बनकर तैयार हो जाएगा।
विदेशी पक्षी रहेंगे पिंजरे में
इस पिंजरे में सभी विदेशी पक्षियों को रखा जाएगा। लगभग 25 प्रजाति के 600 से ज्यादा छोटे बड़े पक्षी इसमें रहेंगे। जिनमें स्कॉर्लेट मकाऊ, मिलेट्री मकाऊ जैसे काफी महंगे और दुर्लभ माने जाने वाले पक्षी भी शामिल रहेंगे। इनकी बाजार में कीमत 5 लाख रूपए प्रति जोड़े तक है।
मिलेगी पूरी जानकारी
यहां मौजूद सभी पक्षियों को देखने के साथ ही उनकी पूरी जानकारी, वो कैसे रहते हैं, उनका खान-पान क्या है, उनका पर्यावरण में क्या योगदान है, ये सभी जानकारी भी इसी पिंजरे में ही सैलानियों को दी जाएगी।
बीओटी पर बनेगा पिंजरा
वॉक थ्रु एवेरी नगर निगम बीओटी के आधार पर बनाने की तैयारी कर रहा है। इसमें पिंजरा बनाने से लेकर उसमें रखे जाने वाले पक्षी और उनकी पूरी व्यवस्था करने का काम इसका टेंडर लेने वाली कंपनी को ही करना होगा। ये पैसा कंपनी इसे देखने आने वालों से टिकट के रूप में ले सकेगी। कंपनी सात सालों तक ये पूरी व्यवस्था देखेगी, उसके बाद पक्षियों सहित पूरी व्यवस्था नगर निगम को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
दक्षिण के राज्यों में है एवेरी
भारत में पक्षियों की इस तरह की एवेरी पहले से ही भारत के दक्षिण हिस्से के राज्यो में मौजूद चिडिय़ाघरों में पहले से ही है। वहां पर इसे काफी पसंद किया गया है। वहीं दर्शक भी इसका काफी आनंद लेते हैं।
अभी हैं 200 पक्षी
वर्तमान में चिडिय़ाघर में 22 प्रजाति के लगभग 200 पक्षी हैं। इनमें अधिकांश भारतीय प्रजाति के पक्षी हैं, जिनमें मोर, सफेद मोर, तोते, लर्वबर्ड आदि शामिल हैं। इसके अलावा ईमू जैसे विदेशी और बड़े पक्षी भी चिडिय़ाघर में हैं।
0 हम चिडिय़ाघर को न सिर्फ जनता के लिए सुलभ बल्कि लोगों को प्रकृति में जानवरों का क्या योगदान है, ये समझाने लायक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते ही प्राकृतिक माहौल में पक्षी कैसे रहते हैं, इसके लिए ही हमवॉक थ्रु एवेरी को बनाने जा रहे हैं।
- मालिनी गौड़, महापौर
Published on:
23 Jul 2018 06:00 am
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