
MP Municipal Election 2022: मोदी-शिवराज की योजनाओं पर भाजपा का फोकस, कांग्रेस का वार रूम नहीं बना
इंदौर. नगरीय निकाय चुनाव में सोशल मीडिया पर भी भाजपा-कांग्रेस में मुकाबला होगा। यह और बात है कि भाजपा संसाधनों से लैस होकर मोर्चा संभाल चुकी है। मोदी और शिवराज सरकार की योजनाओं से जनता को मिले लाभ को मुख्य मुद्दा बनाया जाएगा। उधर, कांग्रेस का वार रूम ही अभी तैयार नहीं हुआ है। हालांकि कहा जा रहा है कि पार्टी की रणनीति स्थानीय मुद्दे जनता तक पहुंचाने की है।
भाजपा के सोशल मीडिया वार रूम से रोजाना लाखों मैसेज
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा रविवार को सोशल मीडिया टीम के लिए प्रदेश के सबसे हाईटेक वार रूम का उद्घाटन करते ही काम शुरू हो गया है। सोशल मीडिया के नगर संयोजक हर्षवर्धन बर्वे, विभाग संयोजक मलय दीक्षित समेत 7 लोगों की टीम काम कर रही है। सभी विधानसभा क्षेत्र के हर मंडल में सोशल मीडिया के संयोजक और सह-संयोजक बनाए गए हैं। 28 मंडलों समेत कुल 73 लोगों की टीम सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-शिवराज की योजनाओं का लाभ ले चुके लोगों के वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। शहर के 5 लाख युवाओं को टारगेट करते हुए टीम ऑडियो-वीडियो, कार्टून के साथ इमेज मैसेज भेज रही है।बर्वे ने बताया कि युवा मतदाताओं का समर्थन जुटाने के लिए इंदौर की बदलती तस्वीर को सामने ला रहे हैं। इसमें भाजपा सरकार के पहले और अब इंदौर की स्थिति की तुलना होगी। यह भी बताया जाएगा कि भाजपा सरकार में इंदौर किस तरह 5 बार सफाई में नंबर वन बना है। सोशल मीडिया टीम के सर्वे में पता चला है कि इंदौर के मतदाता फेसबुक, वाॅट्सऐप और इंस्टाग्राम पर ज्यादा सक्रिय हैं। ट्विटर पर इंदौर भाजपा के पेज बीजेपी4इंदौर पर 6454, फेसबुक पर 13,387 फॉलोअर हैं।
बूथ स्तर तक प्रचार
भाजपा आइटी सेल ने बूथ स्तर तक मतदाताओं के पास प्रचार सामग्री पहुंचाने की रणनीति बनाई है। इसके लिए सभी बूथ कार्यकर्ताओं को मंडल की आइटी सेल से जोड़ा गया है। माउथ पब्लिसिटी के जरिए भी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
कांग्रेस में महापौर उम्मीदवार की घोषणा के बाद शुरू होगा कामसोशल मीडिया पर कांग्रेस पीछे दिख रही है। कांग्रेस की आइटी सेल का स्थायी ठिकाना नहीं है, इसलिए अब तक वार रूम नहीं बना है। महापौर उम्मीदवार की विधिवत घोषणा के बाद इस दिशा में काम तेज होगा। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि लोगों तक मुद्दे पहुंचाने के लिए होम वर्क कर रखा है। कांग्रेस से महापौर पद के उम्मीदवार संजय शुक्ला का बनना तय है। जल्द ही उनके कार्यालय से वार रूम की शुरुआत होगी। कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन से संचालित होता है, लेकिन यहां आइटी सेल के लिए स्थान नहीं है। पूरे ऑफिस में एक कंप्यूटर है, जहां से रोजमर्रा के काम निपटाए जाते हैं। जब भी चुनाव आता है तो आइटी सेल के लिए जगह तलाशी जाती है। नगर निगम के पिछले चुनाव में कांग्रेस की आइटी सेल का वार रूम राजमोहल्ला इलाके में था। चुनाव के बाद यह बंद हो गया। कांग्रेस की आइटी सेल का नाम राजीव के सिपाही रखा गया है। चूंकि सूचना क्रांति को राजीव गांधी से जोड़ा जाता है, इसलिए यह नाम रखा गया है।
आइटी सेल में 300 कार्यकर्ता
आइटी सेल के अध्यक्ष विपिन गंगवाल है, उनकी टीम में 300 कार्यकर्ता होने का दावा है। गंगवाल का कहना है, अभी उनके निवास से काम चल रहा है। जल्द ही हम वार रूम शुरू कर देंगे और वहां से कांग्रेस की उपलब्धियां व भाजपा की कमजोरियों के साथ वार्ड की समस्याएं लोगों तक पहुंचाएंगे। आइटी सेल के 300 वाॅट्सऐप ग्रुप हैं। दावा है कि इस ग्रुप में शामिल कार्यकर्ताओं के प्रत्येक वार्ड में अलग-अलग ग्रुप हैं। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर भी अकाउंट हैं। कांग्रेस ने हर वार्ड की समस्या और उपलब्धियों का रिकॉर्ड तैयार कर लिया है।
Published on:
04 Jun 2022 01:36 am
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