
इंदौर। सिख समाज की सबसे प्रतिष्ठित संस्था श्री श्री गुरुसिंघ सभा के चुनाव की तारीख तय नहीं है, लेकिन समाज में हलचल तेज है। जमीन का जादूगर बॉबी छाबड़ा एक बार फिर सक्रिय हो गया है, लेकिन टीम कमजोर होने की वजह से वह अब बैसाखी ढूंढ़ रहा है। नए युवाओं की मजबूती पकड़ती पैनल से समझौता करने का प्रयास कर रहा है ताकि समाज पर फिर से कब्जा हो जाए और प्रतिष्ठा बची रहे।
कुछ माह पहले अमृतसर से अकाल तख्त के प्रतिनिधि इंदौर आए थे जिन्होंने श्री श्री गुरुसिंघ सभा इंदौर के चुनाव की घोषणा की थी। मई-जून में चुनाव कराए जाने का समय दिया गया था। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे सिख समाज में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक बार फिर जमीन के जादूगर बॉबी छाबड़ा ने मैदान पकड़ लिया है। समाज के प्रभावी व वजूद रखने वाले लोगों को दाने डालने शुरू कर दिए हैं। उन्हें पार्टियों में बुला कर बात कर रहा है।
उन्हें पैनल के लिए तैयार कर आग्रह कर रहा है, लेकिन कुछ ने जवाब नहीं दिया तो कुछ ने लडऩे से साफ इनकार कर दिया। कुल मिलाकर वे बॉबी से पल्ला छुड़ाना चाहते हैं। समाज में अपनी स्थिति को देखते हुए बॉबी को अहसास हो गया है कि समाज के चुनाव में उसने अपनी खालसा पैनल को उतारा तो पहले तो उसे प्रत्याशी ढूंढऩे में एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ेगा और बाद में धज्जियां उड़ जाएंगी। इसके चलते बॉबी को अब बैसाखी की जरूर महसूस हो रही है। अलग-अलग तरीके से वह बिसात जमाने का प्रयास कर रहा है ताकि मजबूत टीम का साथ मिल सके।
बढ़ा रहा है दोस्ती का हाथ
बॉबी छाबड़ा अब मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। बहुत कम समय में भाटिया ने समाज में मजबूत पकड़ बना ली है तो कई प्रतिष्ठित नाम उनसे जुड़े हुए हैं। समाज के युवाओं की एक बड़ी टीम उनके साथ जुड़ी हुई है।
बॉबी को मालूम है कि एक बार भाटिया का साथ मिल जाएगा तो उसकी नैया पार हो सकती है। हालांकि जानकार ये भी बता रहे हैं कि समझौता होते ही बॉबी का प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशी अपने बनवाएं ताकि सभा पर अप्रत्यक्ष तौर पर पूरा उनका ही कब्जा रहे। हालांकि भाटिया खुद भी पैनल उतारते हैं तो उनकी स्थिति अच्छी बताई जा रही है।
दोनों के बीच थी खटास
गौरतलब है कि मोनू भाटिया ने श्री श्री गुरुसिंघ सभा और खालसा कॉलेज में साथ में चुनाव कराने की मांग की थी। भाटिया ने बॉबी के कब्जे वाले खालसा कॉलेज में हो रही अनियमितताओं को भी उजागर किया था। इस बात को लेकर समाज में भाटिया को जबर्दस्त समर्थन भी मिला था। अब बॉबी से समझौता करते हैं और खालसा कॉलेज के चुनाव नहीं होते हैं तो उन पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
Published on:
11 Apr 2023 10:53 am
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