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खुद को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए जुनून और मेहनत जरूरी

Indore News : बॉलीवुड सिंगर और कंपोजर सचेत टंडन और परम्परा ठाकुर ने कहा, फिल्म की स्क्रिप्ट जितनी क्रिएटिव म्यूजिक में उतने ही प्रयोग किए जाना संभव

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खुद को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए जुनून और मेहनत जरूरी

खुद को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए जुनून और मेहनत जरूरी

इंदौर. म्यूजिक को अच्छा बनाने में सबसे अहम रोल होता है फिल्म की कहानी का। फिल्म की स्क्रिप्ट जितनी क्रिएटिव होगी, उतने ही ज्यादा प्रयोग फिल्म के संगीत के साथ किए जा सकते हैं। फिल्म के किरदार जितना यूनिक ढंग से अपनी भावनाएं प्रकट करते हैं, उतना ही प्रभावी संगीत बनाया जा सकता है। म्यूजिक डायरेक्टर को भी नए किरदारों के साथ कई नए एंगल के साथ काम करने का मौका मिलता है। सालों पुराने गाने भी आज तक लोगों की जुबां पर चढ़े हुए हैं, इसका सबसे बड़ा कारण फिल्म के किरदारों को कई अलग-अलग ढंग से प्रस्तुत करना था। यह बात पत्रिका से टेलिफोनिक चर्चा में बॉलीवुड सिंगर और कंपोजर सचेत टंडन और परम्परा ठाकुर ने कही। वे कबीर सिंह के गीत बेखयाली के साथ ही टॉयलेट एक प्रेम कथा, जबरिया जोड़ी जैसी हिट फिल्मों के लिए संगीत दे चुके हैं। उन्होंने कहा, पुरानी गीतों का आज तक याद रहने का दूसरा बड़ा कारण है कि पहले के दौर में फिल्में कम बनती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। अब जमाना और इंडस्ट्री दोनों ही बहुत तेजी से भाग रहा है। ऐसे में खुद को स्थापित करने के लिए जुनून और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढऩा बहुत जरूरी है।
अच्छी गायकी नींव होता है शास्त्रीय संगीत
परम्परा बताती है, मेरे मम्मी-पापा दोनों ही सिंगर हैं। मेरे घर में ही म्यूजिक की क्लासेस चलती थी। तीन साल की उम्र से मैंने संगीत सीखना शुरू कर दिया था। शास्त्रीय संगीत बेहतर गायकी की नींव है। आपको सुर और ताल की पूरी जानकारी होती है, इसीलिए आप सही ढंग से नए प्रयोग कर सकते हैं। हमने अजय देवगन की अपकमिंग फिल्म तानाजी में टाइटल ट्रेक में रागों को आधार बनाकर मॉर्डन टच के साथ म्यूजिक तैयार किया है, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। था। डायरेक्टर हर इमोशन्स में परफेक्शन चाहते थे, इसीलिए रिकॉर्डिंग के दौरान कई रिटेक लिए।