
venu sharma
इंदौर. वेनु शर्मा अभी दसवीं कक्षा में ही पढ़ती हैं, लेकिन 15 बरस की इस छोटी सी उम्र में उन्होंने एक उपन्यास लिख दिया। अंग्रेजी उपन्यास फ्यू मिस्टेक्स अगो का विमोचन सोमवार को प्रीतमलाल दुआ सभागृह में विधायक सुदर्शन गुप्ता, एडवोकेट पुष्यमित्र भार्गव, रघु परमार, मनोज मिश्रा और शिक्षाविद् मंजू व्यास ने किया। सभी अतिथियों ने इस नन्ही लेखिका के प्रयास को सराहा। इतनी छोटी उम्र में जहां प्यार का मतलब भी नहीं समझ पाते वहां रिश्तों पर किताब लिखना अपने आप में एक अनोखा काम है.
इसमें रिलेशनशिप और अपनी गलतियों से सीखने की बात है
अपनी किताब के बारे में वेनु ने कहा कि ये नॉवेल एक लवस्टोरी है और इसमें तीन मुख्य पात्र हैं। इसमें रिलेशनशिप और अपनी गलतियों से सीखने की बात है। वेनु ने बताया कि वे 10 साल की उम्र से लिख रही हैं और पिछले डेढ़ साल से वाटपेड वेबसाइट पर लिख रही थीं। इनमें निबंध भी थे और कुछ कहानियां, कविताएं आदि लिख रही थीं। उनके लेखन से प्रभावित होकर एक पब्लिशर ने उनसे संपर्क किया और नॉवेल लिखने को कहा। 350 पेज का ये नॉवेल यंगस्टर्स को पसंद आएगा। पुस्तक पर चर्चा करते हुए भावना गुलानी ने कहा कि ये किताब केवल टीनएजर्स के लिए ही नहीं है बल्कि इसमें हर उम्र के पाठकों के लिए कंटेंट है। वेनु की लैंग्वेज और सही शब्दों के चयन की भी उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि लेखिका की भाषा पर अच्छी पकड़ है।
लेखन में बनाना है कॅरियर
वेनु ने पत्रिका से बातचीत करते हुए कहा कि वे लेखन में ही कॅरियर बनाना चाहती हैं। इसलिए दसवीं के बाद ह्यूमेनिटीज के विषय चुनेंगी। उनका कहना है कि उन्हें लोगों का व्यवहार ऑब्जर्व करना पसंद है और उसी में से वह अपनी कहानियों का कंटेंट जुटाती हैं। इस उपन्यास के लिए उनकी प्रेरणा एक ब्रिटिश बैंड है। कार्यक्रम के प्रारंभ में वेनु के पिता राजेश शर्मा और मां अंजु शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
Published on:
29 Aug 2017 10:43 am
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