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इंदौर में ब्रेन ट्यूमर सर्जरी सक्सेस रेट @ 95 प्रतिशत

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस विशेष: सरकारी व निजी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक से मिल रही सफलता  

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इंदौर में ब्रेन ट्यूमर सर्जरी सक्सेस रेट @ 95 प्रतिशत

इंदौर में ब्रेन ट्यूमर सर्जरी सक्सेस रेट @ 95 प्रतिशत

इंदौर. शहर के अस्पतालों में ब्रेन ट्यूमर से जुड़े मामले रोज देखने में आ रहे हैं। इसका इलाज जटिल होने से पहले मरीजों को अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन कुछ वर्षों में स्थितियां बदलीं और इंदौर में ही 95 फीसदी सक्सेस रेट के साथ यह जटिल सर्जरी की जा रही है। आधुनिक तकनीक से ब्रेन ट्यूमर का इलाज आसान हो गया है। घंटों में इसका ऑपरेशन होने लगा है। एमवाय अस्पताल में सालभर में करीब 300 ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन किए जाते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में अगस्त 2022 से अब तक करीब 200 सर्जरी की गई है।

शहर के निजी अस्पतालों में ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के लिए आधुनिक माइक्रोस्कोप, न्यूरोनेविगेशन सिस्टम, न्यूरो मानिटरिंग आदि सुविधाएं हैं। इनसे सर्जरी की सफलता अधिक हो गई है। कई मरीज आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में ब्रेन ट्यूमर का इलाज करवा रहे हैं।

अनुवांशिक भी हो सकता है कारण

ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन ज्यादातर यह छोटे बच्चों और बुजुर्गों में होता है। इसका एक मुख्य कारण अनुवांशिक भी होता है। यदि परिवार में किसी को यह बीमारी है तो इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। शरीर या मस्तिष्क पर की गई पुरानी रेडिएशन थेरेपी से भी ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा बढ़ जाता है।

गर्भ के दौरान भी हो सकता है ब्रेन ट्यूमर

एमवाय अस्पताल के न्यूरोलाॅजिस्ट डॉ. परेश सोंधिया का कहना है कि गर्भ में रहने के दौरान भी शिशु को ब्रेन ट्यूमर हो सकता है, क्योंकि ब्रेन ट्यूमर होने का मुख्य कारण वहीं से शुरू होता है। सही समय पर इसकी पहचान मुश्किल है, लेकिन इस बारे में शोध हो रहे हैं। भविष्य में मरीजों को और बेहतर इलाज मिलने लगेगा।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके प्रकार, विकास की दर, स्थान और ट्यूमर की गंभीरता पर निर्भर कर सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर के कुछ सामान्य लक्षण सिर दर्द (विशेष रूप से सुबह उठते ही), उल्टी और जी मचलाना, बोलने, सुनने या देखने की क्षमता में परिवर्तन, संतुलन बिगड़ना, याददाश्त कमजोर होना, थकान, दिन भर नींद आना, व्यवहार में परिवर्तन, मिर्गी के दौरे आना आदि हैं। ऐसे लक्षण हैं तो सतर्क हो जाना चाहिए।

एमवाय अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर के हर साल करीब 300 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। कई लोग लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इससे बीमारी भयावह रूप ले लेती है। अब शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने से मरीजों को इलाज में फायदा हो रहा है। ब्रेन ट्यूमर दो माह के बच्चे से लेकर 95 साल के बुजुर्ग को भी हो सकता है।

- डॉ. राकेश गुप्ता, विभागाध्यक्ष, न्यूरो सर्जरी विभाग, एमवायएच