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इंदौर. स्वच्छता के कारण शहर में कुत्तों को खाना नहीं मिल रहा और वे गुस्से में लोगों को निशाना बना रहे हैं। नियम-कायदों के कारण नगर निगम भी इन पर नियंत्रण के कोई उपाय नहीं कर पा रहा। ऐसे में इनके आतंक से परेशान ओल्ड पलासिया के लोगों ने खुद हल निकाला और मोहल्ले के सारे आवारा कुत्तों की नसंबदी करवा दी।
कॉलोनी में कुत्तों के शिकार लोगों की संख्या में कमी आई
इसका सुखद नतीजा भी देखने को मिल रहा है। कॉलोनी में कुत्तों के शिकार लोगों की संख्या में कमी आई है और कुत्ते भी अब हर किसी के पीछे नहीं दौड़ते। अन्यथा, इससे पहले उनके कारण कई बार लोग हादसों का शिकार हुए। लोग उनके खाने का इंतजाम भी कर रहे हैं, ताकि भूख से आक्रामक होकर बच्चों पर न लपकें।
एनजीओ की मदद ले रहे
रहवासियों के मुताबिक, ओल्ड पलासिया क्षेत्र में करीब 30 कुत्ते हैं, जिनके आतंक से लोगों का सडक़ पर निकलना मुश्किल हो गया था। इस पर एक एनजीओ से संपर्क किया तो वे इनकी नसबंदी करने को तैयार हो गए। तीन बार शिविर लगे और 18 कुत्तों की नसबंदी की गई। जिन कुत्तों की नसबंदी की है, पहचान के लिए उनके गले में पट्टे बांध दिए हैं। नसबंदी का सारा खर्च रहवासियों ने मिलकर उठाया। वंदना जैन ने बताया कि कॉलोनी के लोगों ने कुत्तों को नियमित रूप से खाना देना शुरू किया है, इससे उनमें काटने की प्रवृत्ति कम हुई है। आने वाले दिनो में बचे हुए कुत्तों की भी नसबंदी करवा देंगे। इस पहल को पूरे शहर के लोगों को अपनाना चाहिए।
निगम भी यही कर रहा है
शहर में कुत्तों के कारण हर कॉलोनी के लोग परेशान हैं। कोर्ट की गाइडलाइन के कारण निगम इन्हें पकड़ या मार नहीं सकता। ऐसे में उनकी नसबंदी कर आबादी बढऩे से रोकी जा रही है।
Published on:
18 Feb 2018 12:44 pm
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