
इस चौराहे पर निकलना जरा संभलकर, 50 कैमरे रखेंगे आप पर नजर...
इंदौर। खजराना मुख्य सड़क को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पुलिस ने पूरी मुख्य सड़क को सीसीटीवी कैमरे के दायरे में लाने की योजना काम शुरू कर दिया है। करीब एक किलोमीटर के हिस्से में 50 कैमरे इस तरह से लगाने की तैयारी है कि हर आने जाने वाले की गतिविधि पर नजर रहें, कहींं भी वह ओझल नहीं हो पाए। जनसहयोग से इस योजना को लागू करने की कवायद पर काम चल रहा है।
शहर में वैसे तो पुलिस ने कई चौराहों व मुख्य सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए है और कई बार घटना होने पर इन कैमरों के कारण सुराग भी हासिल हुए और आरोपी पकड़े जा सके। पुलिस जगह जगह लोगों को कैमरे लगाने के लिए उत्साहित कर रही है ताकि कहीं भी घटना हो तो आरोपी का सुराग लग सके। होली व रंगपंचमी के दौरान कई दुकानों में बाहर की दिशा करते हुए कैमरे लगाए गए ताकि सड़क पर नजर रखी जा सके।
एसपी, पूर्व मो. यूसुफ कुरैशी के निर्देश पर एएसपी शैलेंद्रसिंह चौहान व सीएसपी एसकेएस तोमर ने संवेदनशील इलाकों को तीसरी नजर में लाने की कवायद पर काम शुरू किया है। जनसहयोग से योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी है। सीएसपी एसकेएस तोमर मुताबिक, खजराना चौराहे से पीपल चौक, खजराना मंदिर, कालका माता मंदिर होते हुए खजराना थाने तक मुख्य सड़क पर सर्वे किया है। करीब एक किलोमीटर के हिस्से में 45 से 50 कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे इस तरह से होंगे कि अगर कोई वाहन चालक खजराना चौराहे से आगे बढ़ता है तो थाने तक उसकी हर गतिविधि पर नजर रहेंगी। कहींं भी वह कैमरे की नजर से बच नहीं सकेगा।
थाने में रहेगा कंट्रोल रूम
50 कैमरे लगाने के बाद इनका कंट्रोल रूम खजराना थाने पर रहेगा। एक सिपाही की ड्यूटी नजर रखने पर रहेगी। अगर कहीं तकनीकी खराबी आती भी है तो तुरंत उसे दूर करा दिया जाएगा। इस सड़क का उपयोग बहुत ज्यादा है, सुरक्षा के लिहाज से तीसरी नजर से कव्हर करने की योजना बनाई है।
बिचौली हप्सी तक हर चौराहा है कवर
पुलिस ने पहले चरण में बंगाली चौराहे से आगे स्थित तिराहे से लेकर बिचौली हप्सी तक के पूरे मार्ग पर पहले प्रयोग किया है। वहां हर चौराहे पर कैमरे लगाए है। दूसरे चरण में एक कदम आगे बढ़ते हुए इस तरह कैमरे लगाए जाएंगे कि कहीं भी संदिग्ध कैमरे से बच न सके। जल्द ही लोगों की मदद से काम शुरू होगा।
लूट के मामलों में लगे सुराग
कनाडिया इलाके में लगे वीडियो कैमरे पुलिस के लिए लाभ का फैसला भी रहे। इस इलाके में भी जन सहयोग से ही कैमरे लगाए गए थे। इलाके में हुई चेन स्नेचिंग की घटना के बाद पुलिस ने रिकार्डिंग को जांच की तो बदमाश की गाड़ी का सुराग लगा और फिर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई। अन्य मामलों में भी कई बार कैमरे काफी महत्वपूर्ण साबित हुए और आरोपियों को सुराग लगा जिसके बाद से कैमरा लगाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
Published on:
03 Jun 2019 01:29 pm
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