12 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

50 करोड़ लोगों के लिए 5 लाख तक के बीमा की योजना देगी मोदी सरकार- पीयूष गोयल

नरेंद्र मोदी की सरकार के चार साल पूरे होने पर उनकी उपलब्धियां गिनाने केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल इंदौर पहुुंचे

2 min read
Google source verification
piyush goyal

bjp piyush goyal

इंदौर. नरेंद्र मोदी की सरकार के चार साल पूरे होने पर उनकी उपलब्धियां गिनाने केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल गुरुवार को इंदौर पहुुंचे। इस दौरान वे शहर के प्रबुद्धजन से मुलाकात करने के अलावा मीडिया से भी मुखातिब होंगे। भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ द्वारा शाम करीब पांच बजे से सीए ऑडिटोरिएम में कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के बैनर तले शहर का उद्योग जगत गोयल से मिलने पहुंचा और समस्याएं बताई।

कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने अपनी ये बातें शहर के विकास के लिए कहीं।
- जल्द लागू करेंगे 50 करोड़ लोगों के लिए 5 लाख तक के बीमा की योजना।
- रेलवे का 2017-18 सबसे सुरक्षित सफर और गरीब लोग भी उड़ान का सफर कर सकेंगे
- पेट्रोल से हुई आय से हर पैसा जनता के कल्याण पर खर्च किया गया।
- महंगाई कम हुई है, दो-तिहाई महंगाई घटी है।
- पेट्रोल डीजल के दामों को कम करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर योजना बन रही है, जल्द करेंगे खुलासा।
- दूरगामी परिणाम होंगे योजना के।
- सरकार आम आदमी के प्रति समर्पित रही है कॉंग्रेस की तरह पूंजीपतियों के प्रति नही है।
- केंद्रीय बजट में एमएसएमई मंत्रालय को आवंटित राशि चार गुना की जाना चाहिए, ताकि देश का ग्रोथ इंजन व रोजगार का सबसे अहम क्षेत्र अधिक से अधिक विकसित हो सके।

इन पर भी हुई चर्चा
असल में लघु उद्योगों के उत्पादों को विदेशों में विपणन में परेशानी आ रही है। इसके लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के माध्यम से सहायता मिलना चाहिए। केंद्र स्तर पर कार्ययोजना बनाना चाहिए।
इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और शहरी विकास प्राधिकरणों को आयकर से मुक्तकरना जरूरी है। पूर्व में आयकर में छूट से इनका पैसा पूरी तरह विकास कार्यों में उपयोग होता था, परंतु अब 40 प्रतिशत से ज्यादा आयकर, ब्याज में जा रहा है।
जिले के शासकीय औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध नहीं होने से लघु उद्योगों को समस्या आ रही है। जिले के आसपास कई निजी औद्योगिक पार्क विकसित हो रहे हैं, जिन्हें पीपीपी मॉडल अथवा निजी भागीदारी से विकसित करने हेतु केंद्र को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की नीति-नियम बनाना चाहिए।