
Fraud
इंदौर। भंवरकुआं पुलिस ने ठगी का केस दर्ज किया है। आरोपी चाचा ने चार सौ बीसी करते हुए सारा लोन अपने भतीजे के नाम पर कर दिया और अपनी संपत्ति को छुड़वा लिया, जबकि दादी ने दोनों की संपत्ति को गारंटी रख लोन लिया था। भतीजे के पास रिकवरी आई तो उसने बैंक में पता किया, जिसके बाद यह गड़बड़ी सामने आई।
मयूरेश पिता संतोष कुमार गर्ग निवासी ओल्ड अग्रवाल नगर की शिकायत पर उसके चाचा श्याम पिता रमेशचंद गर्ग निवासी नौलखा, अजीत चोपडा़ और पीयूष शर्मा दोनों निजी बैंक के अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि दादी विमला देवी गर्ग जो कि उमंग ट्रडिंग कंपनी की मालकिन थीं, उन्होंने वर्ष 2011 में 40 लाख रुपए की एक सीसी लिमिट लोन निजी बैंक से लिया था। इस लोन को लेकर उन्होंने दो संपत्तियों के दस्तावेज रखे थे। इसमें एक संपत्ति खंडेलवाल कम्पाउंड की फैक्टरी मेरे चाचा श्याम सुंदर गर्ग के नाम पर है। दूसरी संपत्ति ओल्ड अग्रवाल नगर की है, जहां पर वह निवास करते हैं। यह संपत्ति दादा रमेशचंद गर्ग के नाम पर थी। उनकी मृत्यु के बाद वसीयत अनुसार 2017 में यह संपत्ति उनके नाम पर हो गई, तभी से यह मकान उनके नाम पर ही है और गारंटी के रूप में कोटक बैंक के पास रखा है। हाल ही में पता चला कि जो लोन दादी ने लिया था, उसकी सारी जिम्मेदारी उन पर आ गई है, जबकि चाचा और उनकी संपत्ति दोनों ही गारंटी के रूप में रखी हुई थी। चाचा श्याम ने बैंक अधिकारी अजीत और पीयूष के साथ मिलकर अपना नाम हटा लिया। संपूर्ण लोन का दायित्व उनकी संपत्ति पर डाल दिया।
आरबीआइ को की थी बैंक की शिकायत
टीआइ शशिकांत चौरसिया ने बताया कि फरियादी के मकान की नीलामी की बारी आई तो उसे पता चला। इस पर उसने पड़ताल की तो पता चला कि सिर्फ उसका ही मकान बैंक के पास गारंटी के तौर पर है। इस पर उन्होंने आरबीआइ को भी बैंक की शिकायत की। वह 2017 से अब तक लगातार अपनी शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत की। जांच में साफ हो गया कि चाचा के साथ बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत है। उन लोगों ने मिलकर चाचा की संपत्ति को निकाल दिया। इस पर सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया और कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
25 Mar 2023 11:13 am
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