
sharab
प्रदेश भी क्यों न हो शराब मुक्त
इंदौर. जब मैं शराबी था तब मेरी मां और पिताजी आधी रात के बाद मेरे आने तक तब तक जागते रहकर दरवाजे पर बैठे रहते थे। कारण यह था कि नशे की हालत में मैं लोगों से झगड़ा कर बैठता था और झगडे़ की आशंका में मां-पिताजी को नींद
नहीं आती थी। जब से मैंने शराब छोड़ी है तब से वे दोनों चैन की नींद सोते हैं। यह आपबीती शराब छोड़ चुके एक व्यक्ति ने 'पत्रिकाÓ के साथ साझा की।
स्कूल के दिनों से ही शुरू हो गई थी शराब
स्कूल के दिनों में एक लड़की से प्रेम प्रसंग हुआ। तभी से शराब की लत भी लग गई। पीने के लिए जब पैसे नहीं होते थे तो मैं घर से पैसे चुराने लगा। मेरा बड़ा भाई अच्छी पढ़ाई कर अच्छी नौकरी पा गया और छोटा भाई इंजीनियर बन गया। दोनों मुझसे आगे निकल गए, मैं पीछे रह गया। मुश्किल यह थी कि उच्चशिक्षित और अच्छा करियर होने के बावजूद मेरे भाइयों की शादी नहीं हो रही थी क्योंकि हमारे घर में मेरे कारण कोई अपनी बेटी ब्याहना नहीं चाहता था। कारण ये था कि मैं जिस वैश्य समाज से हूं, उस समाज में शराब पीना बहुत बुरा माना जाता है।
ये एेसी बीमारी है, जिसमें नहंीं मिलती हमदर्दी : 12 साल तक मैं 24 घंटे शराब पीने वाली हालत में रहा। परिवार में कोई मुझसे बात नहीं करता था। दोस्त छूट गए। बेहद अकेला हो गया था मैं। मैं एेसी बीमारी से ग्रस्त था, जिसमें किसी को सहानुभूति नहीं होती।
जब शराब दूर हुई तो सब पास आए
शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में फरार चल रहे कॉलोनाइजर रामसुमिरन कश्यप के बेटे नितिन को क्राइम ब्रांच की टीम ने ग्वालियर से पकड़ा है। युवती को शादी का झांसा देकर आरोपी ने हरकत की, जब वह दूसरी युवती से शादी कर रहा था, उस दौरान पीडि़ता पुलिस के पास पहुंंची। पुलिस शादी रुकवाने भी गई थी। करीब दो महीने से आरोपी फरार चल रहा था। पिछले मंगलवार को युवती अपने वकील के साथ डीआईजी की जनसुनवाई में पहुंंची और आरोप लगाया था कि आरोपी नितिन के फरार होने में पुलिसकर्मी मदद कर रहे हैं। डीआईजी ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी। क्राइम ब्रांच को पता चला कि आरोपी ग्वालियर में छिपा है। पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने
उसे पकड़ा और इंदौर लेकर आ रही है। हालांंकि अफसर आधिकारिक रूप से उसके पकड़े जाने की पुष्टि नहीं कर रहे।
Published on:
04 May 2016 06:22 am
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