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एमपी के इस शहर से छत्तीसगढ़ पुलिस ने पकड़ी साइबर फ्रॉड गैंग

cyber fraud: बिलासपुर की रहने वाली एक संपन्न परिवार की महिला से जनवरी से मई तक में आरोपियों ने किया 59 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड...।

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cyber fraud gang (source-patrika)

cyber fraud: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के महू से छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक साइबर ठगी करने वाली गैंग के चार सदस्यों को पकड़ा है। पकड़े गए साइबर ठग महू-इंदौर से बैठे-बैठे देशभर में लोगों को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर लाखों की ठगी कर रहे थे। गिरफ्तारी शुक्रवार देर शाम हुई और शनिवार को आरोपियों को न्यायालय में पेशकर पुलिस बिलासपुर ले गई। आरोपियों ने बिलासपुर की एक महिला के साथ 59 लाख रूपये का साइबर फ्रॉड किया था।

महिला से की 59 लाख रूपये की ठगी

पुलिस ने बताया कि बिलासपुर की एक संपन्न परिवार की महिला ने मई में शिकायत दर्ज कराई थी कि जनवरी से मई तक उसके साथ 59 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड हुआ। महिला को व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम ग्रुप के जरिए जोड़ा गया और नकली ट्रेडिंग एप पर गोल्ड व शेयरों में निवेश का झांसा दिया गया। चार माह में महिला को 1.50 करोड़ रुपए का फर्जी फायदा भी दिखाया गया और जब उसने एक करोड़ रूपये निकालने की मांग की, तो जालसाजों ने कॉल उठाना बंद कर दिया।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर है मास्टरमाइंड

पुलिस ने साइबर ठगी गैंग के चार सदस्यों को पकड़ा है। जिनकी पहचान ललित सिंह मूल निवासी बुलंदशहर (उप्र), हाल महू धारनाका, बबलू उर्फ कमलजीत चौहान निवासी अयोध्यापुरी कॉलोनी, कोदरिया, अर्पित साल्वे निवासी गिरनार सिटी, गुजरखेड़ा, रोहित निषाद निवासी धारनाका के तौर पर हुई है। गिरोह का मास्टरमाइंड ललित कुमार है जो कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद उसने महू में रहकर आईटी सेक्टर के युवकों को अपने साथ जोड़ा। गिरोह ठगी के लिए अपने अलावा आसपास के 25 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। कई खाताधारकों को इस बात की भनक तक नहीं लगी।

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