इंदौर/देवास. महान संगीतज्ञ पं. कुमार गंधर्व की 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित दो दिवसीय संगीत समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।
कुमार गंधर्व के निवास भानुकुल में शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि धन्य है वह मालव धरती, जहां पर कुमार गंधर्व ने संगीत साधना की। वह देवास ही नहीं, बल्कि देश के महान संगीतकार रहे हैं। मैं संगीत का कोई विद्वान नहीं हूं , लेकिन कुमार गंधर्व व्यक्तित्व से परिचित हूं। कबीर को सबने गाया, लेकिन जिस तरह से कुमार गंधर्व ने गाया वह अभूतपूर्व है।
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आंबेडकर स्मारक की आधारशीला रखने महू आए थे पूर्व मुख्यमंत्री पटवाउनकी स्मृतियों को बनाए रखने के लिए हमने सिविल लाइन रोड का नामकरण उनके नाम पर किया है। अब देवास में एक संग्रहालय बनाएंगे, जिसमें कुमार गंधर्व से जुड़ी वस्तुओं का संग्रह किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी उन्हें समझ सके। साथ ही उनकी स्मृति को स्थायी किया जा सके। साथ ही हर साल उनकी याद में संगीत उत्सव का आयोजन होगा, जिससे देशभर से संगीत रसिक व विद्वान आएंगे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता साहित्यकार महेश एलकुंचवार ने कुमार गंधर्व के संगीत की महानता की चर्चा की।
इसके पहले संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी ने कहा कि भारतीय संगीत को दो तरह से देखना होगा। एक कुमार के पहले का संगीत और दूसरा कुमार गंधर्व के बाद का संगीत। भारतीय संगीत ही नहीं, संस्कृति के 100 साल के इतिहास की सबसे उजली छवियों में से एक हैं। संगीत समारोह का मुख्यमंत्री के साथ कुमार गंधर्व के प्रपौत्र अखिल ने दीप प्रज्ज्वलित किया। उनके साथ नाटककार महेश एलकुंचवार, कलापिनी कोमकली, भुवनेश कोमकली व संस्कृतिकर्मी अशोक वाजपेयी भी मौजूद थे।