
इंदौर. शहर के बाहरी हिस्सों के या बड़ी सडक़ों के चौराहों को तो नगर निगम व्यवस्थित करने और उनके एक्सीडेंट जोन से बाहर करने का काम तो कर रहा है। लेकिन शहर के मध्य क्षेत्र के सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले चौराहों पर निगम का ध्यान ही नहीं है। इसकी सजा जनता भुगत रही है। ऐसा ही एक चौराहा है चिकमंगलूर। यहां पर रोज 5 से ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं और उनमें भी सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं रात के समय होते हैं। लेकिन उसके बाद में भी न तो नगर निगम और न ही यातायात पुलिस इस पर ध्यान दे रही है।
नगर निगम से महज 300 मीटर दूरी पर स्थित इस चौराहे पर न सिर्फ दिन के समय, बल्कि रात में भी ट्रैफिक का दबाव रहता है। ऐसे में यहां पर पूरे समय वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। वहीं, चौराहे की एक ओर ढलान होने के साथ ही चारों सडकों की दिशा अलग-अलग है। यहां काछी मोहल्ला और एमजी रोड की ओर से आने वाले रास्ते के कोने चौराहे से अलग हैं। वहीं, यहां जो रोटरी बनी है वो सडक़ के बीच में न होकर एक ओर है, जिसके कारण सडक़ से गुजरने वाले वाहन जब यहां से निकलते हैं, तो कई बार लोग ट्रैफिक रूल को तोड़ते हुए रोटरी से घूमकर निकलने के बजाए दूसरी ओर से निकलने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण वाहनों की आपस में टक्कर होती रहती है। हालत ये है कि यहां पर रोजाना 5 से ज्यादा एक्सीडेंट होना आम बात है। यहां अधिकांश छोटे वाहन आपस में टकराने के कारण लोगों को चोट लगती रहती है।
पुलिस जवान केवल खड़े रहते हैं
यहां पर चौराहे पर ही पुलिस चौकी बनी हुई है। जिस पर दिन के समय पुलिस जवानों की ड्यूटी लगती है। वहीं रात में भी यहां पर पुलिस के जवान रहते तो हैं, लेकिन वो गलत तरीके से वाहन निकालने वालों को रोकने के बजाए एक ओर खड़े रहकर गाडियों की में व्यस्त रहते हैं।
कोई नहीं देता है ध्यान
यहां रोजाना होने वाले एक्सीडेंट के कारण जनता भले ही परेशान हैं, लेकिन इस समस्या पर न तो यातायात पुलिस और न ही नगर निगम के अफसर कोई ध्यान नहीं देते हैं। नगर निगम यातायात विभाग के सहायक यंत्री पीसी जैन के मुताबिक यहां का हम सर्वे करवा रहे हैं, जल्द ही उस पर निर्णय लेकर काम करेंगे।
Published on:
02 Jun 2022 07:31 pm
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