19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पान की दुकान व नावेल्टी मार्केट से बेची जा रही थी चाइना मेड ई सिगरेट

ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा, साढ़े 5 लाख की ई सिगरेट बरामद  

less than 1 minute read
Google source verification
पान की दुकान व नावेल्टी मार्केट से बेची जा रही थी चाइना मेड ई सिगरेट

पान की दुकान व नावेल्टी मार्केट से बेची जा रही थी चाइना मेड ई सिगरेट

इंदौर. शहर में कई जगह स्वास्थ के लिए हानिकारक प्रतिबंधित ई सिगरेट बेची जा रही थी। ग्राहक बनकर पहुंंची पुलिस टीम ने पान की दुकान व नावेल्टी मार्केट की दुकान से करीब साढे 5 लाख की ई सिगरेट जब्त की। आरोपी शहर के पब, क्लब्स एवं स्टूडेंट्स वाले क्षेत्रों में फ्लेवर्ड केमिकलयुक्त ई- सिगरेट बेचते थे। आशंका है कि चाइना मेड ई सिगरेट को मुंबई से लाकर बेचा जा रहा था।

डीसीपी निमिष अग्रवाल के मुताबिक, केंद्र सरकार ने ई सिगेरट के निर्माण व बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए एक्ट बनाया है। सूचना मिली थी कि कुछ व्यापारी फायदे के लिए युवाओं को ई सिगरेट बेच रहे है। इस पर पुलिस टीम केसरबाग रोड पर ग्राहक बनकर पहुंची। यहां ई सिगरेट के साथ वरुण शाही को पकड़ा तो उसके पास 40 ई सिगरेट मिली। पता चला कि जेलरोड के नावेल्टी मार्केट की दुकान से भी ई सिगरेट बेची जा रही है। टीम ने नॉवेल मार्केट में दबिश देकर आरोपी लोकेंद्र राठौर निवासी मोतीतबेला और निमय राठौर निवासी द्वारकापुरी को पकड़ा तो उनसे पास से करीब 470 ई सिगरेट मिली। इसी तरह टॉवर चौराहे पर पान की दुकान संचालित करने वाले आकाश खेमचंदानी के पास से भी ई सिगरेट जब्त की गई। पूछताछ में पता चला कि चीन से बनकर ई सिगरेट मुंबई में आती है और आरोपियों के द्वारा मुंबई से खरीदकर इंदौर शहर के पब, क्लब्स एवं स्टूडेंट्स क्षेत्रों में फ्लेवर्ड केमिकलयुक्त ई-सिगरेट बेचकर लाभ कमाते थे। एक सिगरेट से करीब 5 हजार कश लगाए जाते है। आरोपियों से 533 नग (कीमत करीब 5 लाख 33 हजार) प्रतिबंधित ई-सिगरेट बरामद की गई। पुलिस ने केस दर्ज किया है।