
पत्रिका की खबरों को मिला मुकाम, मालवा मिल की जमीन पर बनेगा सिटी फॉरेस्ट
इंदौर. इंदौरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है कि मालवा मिल की जमीन पर सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। हरे-भरे पेड़ों को बचाने व ऑक्सीजोन बनाए रखने के लिए पत्रिका ने अभियान शुरू किया था, जो बाद में जनता की आवाज बना। असर ये हुआ कि नगर निगम ने सिटी फॉरेस्ट की योजना तैयार की। इसके पहले चरण में 3.04 करोड़ की लागत से बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी, ताकि जमीन को सुरक्षित किया जा सके।
करीब ढाई माह पहले जिला प्रशासन ने मालवा मिल की 60.09 व कल्याण मिल की 32.04 एकड़ जमीन सरकारी घोषित कर दी थी। करीब तीन दशक पहले मिल बंद होने के बाद से जमीन खाली पड़ी थी और वहां कई घने पेड़ थे। जमीन पर नेशनल टेक्सटाइल्स कॉर्पोरेशन (एनटीसी) का कब्जा था और वह इसे नीलाम करने की तैयारी कर रहा था। इससे अंदेशा था कि हरे-भरे पेड़ों को काटकर जमीन पर कांक्रीट का जंगल न बन जाए।
ऑक्सीजोन को बनाए रखने के लिए पत्रिका ने अभियान शुरू किया, जिसमें अभ्यास मंडल सहित शहर की राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े प्रबुद्धजन भी शामिल हो गए। सभी की मांग थी कि मिल की जमीन पर हरियाली बनी रहे। इस मुद्दे को कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी सहित पूरे सरकारी महकमे ने काफी गंभीरता से लिया और अब निगम मालवा मिल की जमीन पर सिटी फॉरेस्ट विकसित करने जा रहा है।
बाउंड्रीवाल की अनुमति मांगी
योजना के पहले चरण में नगर निगम ने बाउंड्रीवाल बनाने के लिए 3.04 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया है। निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण की अनुमति मांगी है। जल्द ही जिला प्रशासन स्वीकृति देगा। मालवा मिल के साथ गाडराखेड़ी के सर्वे नंबर 252 की जमीन पर भी 73 लाख में सरकारी जमीन पर बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी।
अवैध निर्माण रोकने के लिए जरूरी
कल्याण मिल की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। कुलकर्णी नगर से लगे हिस्से में लोगों ने कच्चे-पक्के मकान बना लिए हैं या फेसिंग कर जगह घेर ली है। ऐसी स्थिति मालवा मिल में न हो, इसलिए निगम ने बाउंड्रीवाल बनाने का प्रस्ताव रखा है।
Published on:
02 Sept 2023 09:16 am
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