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शौचालय पर व्हील चेयर देख सर्वे टीम बोली, स्वच्छ भारत मिशन की सोच से आगे है इंदौर

सर्वे टीम बोली, इंदौर में ढूंढे से भी नहीं मिल रहे निगेटिव पाइंट, आखिरी व्यक्ति तक स्वच्छता को लेकर जागरूक

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इंदौर.सर्वेयर- ये व्हील चेयर यहां क्या कर रही है?निगम अफसर- सर! ये उन लोगों के लिए है, जिन्हें रैंप होने के बाद भी शौचालय में आने में दिक्कत होती है। शौचालय में मौजूद व्यक्ति उन्हें इस पर बैठाकर रैंप से अंदर लाता-ले जाता है।
सर्वेयर- वाकई इंदौर ने स्वच्छ भारत मिशन की सोच से भी आगे जाकर काम किया है। यहां हर तरह की व्यवस्था देखने को मिल रही है। हम निगेटिव पाइंट ढूंढ भी नहीं पा रहे हैं। यह संवाद शुक्रवार को बंगाली चौराहे के सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण करने पहुंचे सर्वेयर और नगर निगम अफसरों के बीच का है। जिसने इंदौर के सफाई को नए मुकाम में पहुंचा दिया। टीम ने छोटे बाजारों में सफाई व्यवस्था, दुकानों पर डस्टबिन व सामुदायिक शौचालयों का निरीक्षण किया।

यहां घूमी टीमें पाटनीपुरा क्षेत्र
सर्वे टीम के सदस्य पाटनीपुरा इलाके में सब्जी मंडी क्षेत्र, आसपास के बाजार में लीटरबिन की स्थिति और कचरा प्रबंधन देखा। टैबलेट से फोटो दिल्ली भेजे और वहां से निर्देश मिलने के बाद दुकानदारों, ग्राहकों और जनता से सफाई को लेकर चर्चा की। टीम ने पाटनीपुरा क्षेत्र की गंदी बस्ती पतरे की चाल, सर्वहारानगर, शंकर कुम्हार का बगीचा में गलियों की सफाई, कचरे की स्थिति आदि का निरीक्षण कर जनता से चर्चा भी की।

राज्य बीमा अस्पताल
नंदानगर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल पहुंची टीम ने स्वच्छता सर्वे में भाग लेने के सर्टिफिकेट की जांच की। अस्पताल की सहभागिता के दस्तावेज का फोटो लेकर दिल्ली भेजा।

पीपल्याहाना चौराहा
टीम पीपल्याहाना चौराहा और वहां लगने वाली सब्जी मंडी, मूसाखेड़ी क्षेत्र की अवैध कॉलोनी शिवदर्शन नगर भी गई। यहां सफाई को लेकर जनता से चर्चा की। रहवासियों ने सफाई की व्यवस्था तो ठीक, लेकिन पानी की समस्या बताई।

गार्डंस पिट देखकर रह गए चकित
सर्वे टीम आईटीआई तिराहा स्थित निगम के केशव कनक विहार उद्यान के कचरे से खाद बनाने के कम्पोस्ट पिट, शालीमार पॉम्स के रहवासी संघ के उद्यान, खजराना क्षेत्र के गुलिस्ता मैरिज गार्डन और प्रेम बंधन मैरिज गार्डन में बने कम्पोस्ट पिट का निरीक्षण करने पहुंचे। कर्मचारियों से कचरा लाने, खाद बनाने के
तरीके जाने और रिकॉर्ड देख आश्चर्यचकित हो गए।

एसटीपी देख बोले- ये काम पूरे देश में नहीं है
टीम सदस्य कबीटखेड़ी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचे। यहां व्यवस्थाओं को देख और उसके फोटो दिल्ली भेजे। उन्हें बताया गया, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से निगम रेडियोएक्टिव संयंत्र लगाने जा रहा है, जिससे सीवरेज के पानी से निकलने वाली स्लज को समाप्त किया जाएगा। प्लांट एक-दो माह में बनना शुरू हो जाएगा। सदस्यों ने कहा, ये काम पूरे देश में नहीं है।

खजराना में गिने बोर्ड
टीम के सदस्य खजराना क्षेत्र में दरगाह चौराहा से काली मंदिर तक के हिस्से में मौजूद बाजार क्षेत्र में घूमे। क्षेत्र में स्वच्छता का संदेश देने वाले बोर्ड की गिनती कर फोटो भी दिल्ली भेजे। दरअसल, सर्वे की शर्तों के मुताबिक सभी बाजार क्षेत्रों में स्वच्छता का संदेश देने वाले कम से कम 6 बोर्ड होना चाहिए। खजराना क्षेत्र में 12 से ज्यादा बोर्ड लगे थे। टीम ने निगम अफसरों को कहा, आप केवल दिखाने के लिए ही काम कर रहे हो।

महापौर पहुंचीं घर-घर
महापौर मालिनी गौड़ भी सफाई व्यवस्था देखने निकलीं। महापौर सबसे पहले सुबह 8.30 बजे राजमोहल्ला सब्जी मंडी पहुंचीं। सब्जी विक्रेताओं को मेन रोड से पीछे हटकर व्यवसाय करने व दुकान के बाहर डस्टबिन रखने को कहा। यहां से लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी पहुंची। पास ही मौजूद गंदी बस्ती हम्माल कॉलोनी का अवलोकन किया। महापौर इसके बाद सांवेर रोड स्थित डी सेक्टर के पीछे गंदी बस्ती व रस्सीवाला मैदान स्थित सामुदायिक शौचालय की सफाई का निरीक्षण करने पहुंचीं। केयर टेकर से साबुन की व्यवस्था के बारे में पूछा। यहां पर्याप्त व्यवस्था मिली।

शराबी ने तोड़ा पाइप, अफसरों ने सुधरवाया और पहुंची सर्वे टीम
इंदौर. स्वच्छता सर्वे के लिए इंदौर आई केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम शुक्रवार को कई स्थानों पर पहुंची। नगर निगम की मुस्तैदी के बीच शुक्रवार को एक शराबी की हरकत ने सांसें बढ़ा दी। अफसरों को जानकारी मिली कि सर्वे टीम मूसाखेड़ी क्षेत्र में दौरा करने पहुंच सकती है, तो वे क्षेत्र में सफाई का जायजा लेने पहुंचे। मूसाखेड़ी चौराहा स्थित शौचालय से पानी बाहर बहता देख अफसर चौंके। पास ही मौजूद शराबी के हाथों में शौचालय का पाइप था। अफसरों ने उससे पूछा कि ये क्या किया, तो वह बोला, नल चालू ही नहीं हो रहा था तो उखाड़ दिया। निगम अफसरों ने तुरंत इसे सही करवाया। इस वाक्ये के 10 मिनट बाद ही सर्वे टीम के सदस्य वहां पहुंच गए।