एमपी की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार को नो कार डे मनाया जा रहा है। शहर में तेजी से फैलते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आज कार नहीं चलाने की अपील की गई है। शहर में कई संगठनों ने इसके लिए समर्थन की बात कही है। और तो और खुद कलेक्‍टर इलैया राजा ने अपनी कार बंद रखी। कलेक्टर सिटी बस से कार्यालय पहुंचे। इधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी बाइक चलाकर कार्यालय पहुंचे।
एमपी की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार को नो कार डे मनाया जा रहा है। शहर में तेजी से फैलते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आज कार नहीं चलाने की अपील की गई है। शहर में कई संगठनों ने इसके लिए समर्थन की बात कही है। और तो और खुद कलेक्टर इलैया राजा ने अपनी कार बंद रखी। कलेक्टर सिटी बस से कार्यालय पहुंचे। इधर महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी बाइक चलाकर कार्यालय पहुंचे।
प्रदेश में इंदौर में सबसे ज्यादा कारें हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि सप्ताह में एक दिन यहां के आधे लोग भी अपनी कार नहीं चलाएं तो इससे खासा अंतर पड़ सकता है। देश के सबसे साफसुथरे शहर का पर्यावरण भी बेहतर बन सकता है। नो कार डे के साथ ही इंदौरवासियों ने इस ओर अपने कदम बढ़ा लिए हैं।
नो-कार डे के कारण शुक्रवार को इंदौर के कलेक्टर इलैया राजा ने अपनी सरकारी या निजी कार नहीं निकाली। वे सिटी बस से कलेक्टोरेट पहुंचे। बस में उन्होंने आम यात्रियों के तरह सफर किया। इस दौरान युवकों से बातचीत भी की। कलेक्टर बंगले से निकलकर इलैया राजा पैदल चलते हुए जीपीओ पहुंचे और आई बस में बैठकर भवर कुआंं तक आए।
यहां से कलेक्टर ने दूसरी सिटी बस पकड़ी और इससे कलेक्टोरेट तक गए। कई अन्य जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अफसरों ने भी सिटी बस में बैठकर कार्यालय तक का सफर तय किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी बाइक से नगर निगम कार्यालय पहुंचे।
इंदौर में पर्यावरण सुधार के लिए यह पहल की गई है। नो कार डे पर अपनी कार की बजाए लोगों से सिटी बस या बाइक आदि का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।