
building permission
डाॅ. आंबेडकरनगर महू. महूगांव नगर परिषद क्षेत्र में कई काॅलोनियां में अधूरे विकास कार्य हैं, जिसमें मदन विहार का नाम भी शामिल है और यहां के सहित अन्य काॅलोनियों के रहवासी बीते मंगलवार जनसुनवाई में नर्मदा लाइन की मांग को लेकर पहुंचे तो नप सीएमओ ने कहा था कि यह काॅलोनियां अवैध हैं। लेकिन विमल विहार काॅलोनी में तो नगर परिषद से ही मकान निर्माण के नक्शे पास किए गए व भवन अनुज्ञा तक जारी की गई, जिसकी प्रमाणित मूल प्रतियां रहवासियों के पास मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब काॅलोनी नगर परिषद को हैंडओवर ही नहीं हुई तो फिर वहां भवन निर्माण की अनुमति नगर परिषद से कैसे जारी हो गई।
विमल विहार काॅलोनी में मूलभूत सुविधाओं के इंतजाम अधूरे हैं। यहां बिजली संबंधी कोई काम नहीं होने से रहवासी एक सिंगल कनेक्शन पर ही निर्भर हैं, इसके अलावा भी अन्य जरूरी कामों का अभाव है। सीएमओ आधारसिंह का भी मानना है ये काॅलोनी नगर परिषद में हैंडओवर नहीं है। रहवासियों के अनुसार जनसुनवाई के दौरान उन्होंने काॅलोनी को अवैध कहा था। हालांकि अब उनका कहना है कि काॅलोनी को अवैध कैसे कह सकते हैं, वहां विकास कार्य नहीं हुए हैं। हालांकि इस बात को भी सीएमओ ने स्वीकारा की यदि काॅलोनी नगर परिषद को हैंडओवर नहीं हुई है तो वहां नगर परिषद से भवन निर्माण के नक्शे पास होना संभव नहीं है। क्योंकि जो काॅलोनी नगर परिषद के अधीन ही नहीं हुई तो वहां नप से भवन निर्माण की अनुमति कैसे जारी करेंगे। जबकि यहां रहवासियों के पास बकायदा वर्ष 2012 में मकान बनाने के लिए नगर परिषद से पास नक्शे व अनुज्ञा पत्र हैं। जिसमें उस समय के सीएमओ के हस्ताक्षर भी हैं। जिसे लेकर रहवासी भी उलझन में हैं और सीएमओ भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि नक्शे कैसे पास हुए। इस संबंध में एसडीएम अभिलाष मिश्रा का भी कहना है कि हम इसे चेक करवाएंगे।
पानी मांगते हैं तो काॅलोनी को अवैध बताते-पूर्व पार्षद
पूर्व पार्षद विजय कविश्वर व रहवासियों ने बताया विमल विहार, मदन विहार आदि काॅलोनियों में नगर परिषद से पेयजल के इंतजाम की मांग करते हैं। तो सीएमओ कहते हैं वह काॅलोनियां अवैध हैं। यदि काॅलोनी अवैध हैं तो फिर वहां मकान बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शे कैसे पास हुए व बैंकों ने लोन कैसे दे दिया।
जांच करेंगे
वर्जन
रहवासियों के पास जो नक्शे व अनुज्ञा हैं, उन्हें हम देखेंगे। साथ ही काॅलोनी से संबंधित उस समय के नियमों का भी अध्ययन किया जाएगा व सारी छानबीन के बाद ही स्पष्ट होगा कि वहां भवन निर्माण की अनुमति नगर परिषद से किस कंडिशन में दी थी। हालांकि जो काॅलोनी हैंडओवर नहीं हैं, वहां नप से भवन निर्माण की अनुमति तो मिलती नहीं है।-आधारसिंह, सीएमओ, नगर परिषद महूगांव
Published on:
19 Feb 2021 02:40 pm
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