भोपाल में जवाब दबाकर बैठे पार्टी के बड़े नेता
इंदौर. कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के नीचे पुतला दहन करने वाले कांग्रेसियों को अनुशासनहीनता का नोटिस तो मिला पर कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। इसको लेकर संगठन की कार्यशैली पर जहां सवाल खड़े हो रहे हैं वहीं अपनों को बचाने के लिए भोपाल में नोटिस का जवाब दबाकर पार्टी के बड़े नेता बैठ गए हैं। इधर, शहर के जिन कांग्रेसियों को नोटिस दिया गया है वह अपने आपको कार्रवाई से बचने का ढोल अलग पीट रहे हैं।
कांग्रेस संगठन में बदलाव के चलते करीब साढ़े तीन वर्ष से शहर कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने वाले विनय बाकलीवाल को हटाकर बागड़ी की ताजपोशी कर दी गई। पिछले महीने 22 जनवरी को बागड़ी को शहर कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था जो कि 23 जनवरी को पदभार ग्रहण करने के बाद सिर्फ एक घंटे के लिए ही अध्यक्ष रहे। विरोध और विवाद को देखते हुए प्रदेशाध्यक्ष नाथ ने बागड़ी की नियुक्ति को होल्ड पर रख दिया था।
बागड़ी का विरोध करते हुए पार्टी कार्यालय गांधी भवन के नीचे कुछ कांग्रेस नेताओं ने उनका पुतला जलाने के साथ प्रदेशाध्यक्ष नाथ, प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल व अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहे बाकलीवाल, ब्लॉक अध्यक्ष निलेश शैलू सेन, शहर कांग्रेस प्रवक्ता संजय बाकलीवाल, तेजप्रकाश राणे, जिनेश झांझरी, गणपत जारवाल, इम्तियाज बेलिम, पुखराज राठौड़ व संतोष वर्मा को नोटिस जारी किए गए।
अनुशासन समिति के उपाध्यक्ष सीपी शेखर ने यह नोटिस 26 जनवरी को देकर बाकलीवाल से 10 दिन व अन्य 7 दिन में जवाब मांगा था। नोटिस का जवाब पीसीसी भोपाल पहुंच गया है, लेकिन एक भी कांग्रेसी पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे संगठन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गए हैं।
किसी ने माफी मांगी तो किसी ने जताया खेद
अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं को नोटिस देने और जवाब मिलने के बावजूद 14 दिनों में कोई कार्रवाई न होने को लेकर जब अनुशासन समिति के उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर से सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया कि सभी जवाब प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हैं। जवाबों पर विचार किया जाना है। जिन्हें नोटिस दिया गया है उन्होंने पुतला दहन के दौरान मौजूद न रहने की बात कहते हुए माफी मांगने के साथ खेद जताया है। जवाब पर विचार करने के बाद कार्रवाई की जाएगी जो कि जरूर होगी। इसके चलते अनुशासनहीनता करने पर चार से पांच कांग्रेसी नपेंगे।