
इंदौर तक न पहुंचे राजगढ़ की आग
इंदौर। वाल्मीकि समाज के संत किशोर नाथ के इकलौते बेटे गोलू की राजगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके विरोध में राजगढ़ व सरदारपुर में समाज आंदोलन पर उतर आया है। दो दिन से सफाई नहीं हुई। समाजजन आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। ये भी नाराजगी है कि राजनीतिक दबाव के चलते मुख्य आरोपियों को बचा लिया गया।
११ मार्च को राजगढ़ में वीभत्स हत्या कांड हुआ, जिसमें वाल्मीकि समाज के संत किशोरनाथ के इकलौते बेटे गोलू की गोली मारकर हत्या की गई। हत्यारों ने नौ गोली चलाई, जिसमें सात शरीर और दो सिर पर लगी। पुलिस ने मामले में नौ को आरोपी बनाया है। परिजन का कहना है कि हत्या मनीष चॉइस व भूपेंद्र कांकरिया नामक सटोरियों के इशारे पर हुई है, लेकिन पुलिस ने दोनों को आरोपी नहीं बनाया। वहीं कल तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया था। इसके चलते परिजनों ने दलित नेता मनोज परमार को मामले की जानकारी देकर मदद की गुहार लगाई। कल सुबह परमार टीम के साथ राजगढ़ पहुंचे। थाने का घेराव कर गिरफ्तार करने की मांग की। साथ में मौजूद वाल्मीकि समाज के लोगों का कहना था कि पुलिस ने अंतिम संस्कार के पहले आश्वासन दिया था कि दोषियों को पकडऩे के साथ उनके मकानों को भी तोड़ा जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
इधर, राजगढ़ में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। बाद में ये हड़ताल सरदारपुर में भी घोषित हो गई। साफ कहना है कि मनीष व भूपेंद्र को आरोपी नहीं बनाया जाता तब तक जारी रहेगी। आंदोलन की ये आग अब धीरे-धीरे फैल रही है, क्योंकि किशोर नाथ महाराज के शिष्य प्रदेश के कई जिलों में हैं। आशंका है कि इंदौर में भी धीरे-धीरे न फैल जाए। परमार व समाज के आंदोलन के बाद में पुलिस प्रशासन ने २ दिन का समय मांगा। वहीं, रात को चार आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो गई। इधर, समाज ने चेतावनी दे रखी है कि दो दिन में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी तो हड़ताल अनिश्चितकालीन होकर अन्य जिलों तक भी फैलेगी।
Published on:
15 Mar 2022 11:15 am
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