
तांबे के बर्तन में धीमी आंच में पकाने के बाद तैयार होते है यह स्वादिष्ट व्यंजन
इंदौर. कश्मीर की शादियों में बनने वाले पारंपरिक भोजन को कश्मीरी वाजवानी नजाकत के नाम से जाना जाता है। कश्मीर के वाजवान का पारंपरिक स्वाद दुनिया भर में मशहूर है। इसे पकाने वाले को वाजास कहा जाता है। यह बात सयाजी होटल में आयोजित कश्मीरी फूड फेस्टिवल में शामिल हुए कश्मीर के शेफ रियाज ने कही। रियाज ने बताया, इस वाजवान में 36 प्रकार की वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन डिशेस शामिल हैं, जिनमें कश्मीर का दम आलू, चटपटी मशरूम, कश्मीरी हात, नदूर की यकनी, जालिम की सब्जी खास है।
कश्मीरी वड़ी मसाला है खास
कश्मीर का वड़ी मसाला वहां के भोजन को खास बनाता है। इसकी खासियत है कि इसमें एक खास खुशबू होती है। साथ ही हल्के से चटपटेपन के साथ तीखा स्वाद होता है। ये स्वाद दुनिया में कहीं और मिल पाना संभव नहीं है। इसके अलावा कश्मीरी भोजन की विशेषता होती है कि इसे तांबे के बर्तन में धीमी आंच में पकाया जाता है।
अखरोट और सेब की लकड़ी पर पकाते हैं : कश्मीरी शादियों में तैयार होने वाला वाजवान अखरोट और सेब की लकडिय़ों पर पकाया जाता है। वाजवान की खासियत यह है कि ये शरीर में एनर्जी बनाए रखता है। ग्रेवी में अखरोट, केसर और बादाम का प्रयोग किया जाता है।
कश्मीरी दल आलू
कश्मीरी वाजवान में एक सबसे खास डिश होती है कश्मीरी दम आलू। जो स्वाद कश्मीरी दम आलू में होता है, उसके पीछे उसे बनाने का खास तरीका है। दम आलू को छीलकर बारीक लकड़ी से उसमें छोटे-छोटे छेद करते हैं। उसके बाद उसके हल्की आंच में फ्राय किया जाता है। इसके बाद दही से तैयार ग्रेवी में पकाया जाता है। इसमें लगाया गया कश्मीरी मिर्च का तडक़ा और सौंफ का इस्तेमाल इसके स्वाद को लाजवाब बनाता है।
Published on:
15 Feb 2019 01:29 pm
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