परीक्षण के बाद पार्षद पारख ने इसे शहर हित में बताया। केवल एक छोटी सी खामी की तरफ निगम का पारेख ने ध्यान खींचा। पारेख ने बताया कि कचरा गाड़ी की हाईड्रोलिक ट्राली और सड़क पर रखी कचरा पेटी के बीच छह इंच की गेप है। ये ट्राली जब कचरा पेटी के पास जाकर हाईड्रोलिक कर खाली की जाती है तो ये गेप से परेशानी आती है। ये परेशानी भी आसानी से हल हो सकती है क्योंकि हर कचरा पेटी के नीचे पहिये लगे होते है। ये पहिये अगर हटा देंगे तो हाईड्रोलिक ट्राली और कचरा पेटी के बीच का फासला खत्म हो जाएगा और कचरा आसानी से पेटी में डंप हो जाएगा।