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साइबर ठगों के बीच पेमेंट गेटवे वाले कॉर्पोरेट अकाउंट की मांग

साइबर क्राइम : हर ट्रांजेक्शन पर देते हैं पांच प्रतिशत तक कमीशन

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इंदौर

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Anil Phanse

Aug 26, 2023

साइबर ठगों के बीच पेमेंट गेटवे वाले कॉर्पोरेट अकाउंट की मांग

साइबर ठगों के बीच पेमेंट गेटवे वाले कॉर्पोरेट अकाउंट की मांग

इंदौर। साइबर सेल द्वारा पकड़े गए आरोपी से कई खुलासे हो रहे हैं। आरोपी ने बताया कि साइबर क्राइम की इस दुनिया में ऐसे कॉर्पोरेट अकॉउंट की बहुत मांग है, जो कि पेमेंट गेटवे से जुड़े हुए हों। ठग इन बैंक खातों के लिए पांच प्रतिशत तक का कमीशन हर लेन-देन पर दे देते हैं, जबकि दूसरे खाते पर मात्र दो प्रतिशत ही कमीशन दिया जाता है।

राज्य साइबर सेल ने खजराना के आरोपी इमरान को पकड़ा है। मात्र 8वीं कक्षा तक पढ़े इस आरोपी ने साइबर अपराध की दुनिया में कम समय में खासा नाम कमा लिया है। इसके पास से चेटिंग मिली है, इनके नंबर पाकिस्तान और दूसरे देशों के हैं। साइबर सेल यह पता कर रहा है कि यह नंबर वाकई विदेशी से ऑपरेटर हो रहे हैं या इन्हें भारत में ही बैठकर कोई चला रहा है। आरोपी ने डीटीपी का काम सीखा और सर्टिफिकेट कोर्स किया। काम के दौरान आरोपी जोकर से जुड़ गया। वहां उसे पता चला कि खाते भी बिकते हैं। पहले अपने खाते बेचता रहा। इसके बाद वह दूसरों के खातों का सौदा करने लगा। आरोपी से हुई पूछताछ में पता चला कि बैंक खाते कमीशन पर भी देता है। उसने बताया कि सबसे ज्यादा कमीशन कॉर्पोरेट अकॉउंट पर मिलता है। इनमें भी ऐसे अकॉउंट जिनसे कोई पेमेंट गेटवे (कोई वॉलेट) जुड़ा हुआ है। उसकी मांग रहती है। इन खातों में कितनी भी रकम जमा और निकाली जाती है। इस ओर बैंक कर्मचारियों का भी ध्यान नहीं जाता, जबकि बचत खाते में ज्यादा ट्रांजेक्शन होने पर बैंक सतर्क हो जाते हैं।

एक वर्ष में डेढ़ करोड़ का ट्रांजेक्शन
आरोपी के बैंक खाते में प्रारंभिक तौर पर ही डेढ़ करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन मिले हैं। एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि यह रुपए भी किसी से ठगे हुए होंगे, इसलिए बैंक से जानकारी मांगी गई है कि किन बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर किए गए। साथ ही किसने और कितने रुपए कब निकाले, यह जानकारी भी मांगी गई है। आरोपी कह चुका है कि इंदौर में उसके जैसे कई लोग सक्रिय हैं।

जावरा तक जाकर लिए खाते
आरोपी इमरान ने इंदौर ही नहीं कई और शहरों के बैंक खाते आगे पहुंचाये हैं। वह आसानी से मुस्लिम बस्तियों में जाकर लोगों से घुल मिल मिल जाता। इसके बाद वहां के लोगों को हर माह एक तय रकम देने का झांसा देकर उनसे बैंक खाते ले लेता। उसने इंदौर के आसपास के इलाकों से तो बैंक खाते लिए हैं इसके साथ ही जावरा तक जाकर लोगों को झांसा देकर बैंक खाते ले आया है।

साइबर ठग कर रहे गरीब परिवारों के बैंक खाते का इस्तेमाल
आरोपी इमरान से पूछताछ की जा रही है। उससे एक बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी ने बताया कि उसके अलावा शहर में कई और आरोपी भी शामिल हैं। यह गरीब परिवारों को महीने का पांच से 10 हजार रुपए महीना का लालच देकर उनसे नए बैंक खाते खुलवा लेते हैं। इसके बाद यह आगे दूसरों तक पहुंचा देते हैं। इसके बदले में हर ट्रांजेक्शन पर उन्हें कमीशन मिल जाता है। वह इसमें से कुछ रुपये खाताधारक को दे देते हैं। इन बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाती हैं। इसके अलावा बाहर से आकर भी कुछ लोग यह जानकारी ले जाते हैं। एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर सेल इन एजेंटों की तलाश कर रहा है। जल्द ही पूरा नेटवर्क का खुलासा हो जाएगा।