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एफिलिएशन फीस के साथ जीएसटी क्यों वसूल रही यूनिवर्सिटी

18 फीसदी अतिरिक्त राशि के विरोध में उतरे निजी कॉलेज, यूनिवर्सिटी दे रही रिकवरी के नोटिस का हवाला  

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इंदौर

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Lavin Owhal

Jan 13, 2019

davv collage and gst news

एफिलिएशन फीस के साथ जीएसटी क्यों वसूल रही यूनिवर्सिटी

इंदौर.
कॉलेजों को अगले सत्र की एफिलिएशन के लिए देवी अहिल्या अहिल्या यूनिवर्सिटी फीस के साथ जीएसटी भी वसूल रही है। जीएसटी को लेकर कॉलेज अब तक आना-कानी करते आ रहे थे। अब कुछ कॉलेजों ने सीधे यूनिवर्सिटी पहुंचकर ही विरोध दर्ज करा दिया। कॉलेजों का तर्क है कि बिना नोटिफिकेशन यूनिवर्सिटी वसूली कैसे कर सकती है। इधर, यूनिवर्सिटी प्रबंधन सेंट्रल एक्साइज के करीब पौने पांच करोड़ रुपए की रिकवरी के हवाला दे रही है।

सेंट्रल एक्साइज ने डीएवीवी पर २०१२ से २०१७ की अवधि के लिए ४ करोड़ ७१ लाख २१६ रुपए के सर्विस टैक्स की रिकवरी निकालते हुए नोटिस दिया है। पहली बार मिले इस नोटिस के बाद यूनिवर्सिटी ने भी कोर्ट में अपील की है। अफसरों के अनुसार एफिलिएशन की निरंतरता, नवीनीकरण या सीट बढ़ोतरी पर अब तक किसी भी तरह का टैक्स नहीं दिया गया। ऐसे में अचानक रिकवरी कैसे निकाली जा सकती है? कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन होने के बीच यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कॉलेजों से जीएसटी वसूलना शुरू कर दिया। इस बार एफिलिएशन फीस के साथ १८ फीसदी टैक्स भी लिया जा रहा है। कॉलेज ये टैक्स जमा करने के पक्ष में नहीं है। कॉलेज संचालकों ने रजिस्ट्रार डॉ.अजय वर्मा को विरोध दर्ज कराया है। संचालकों ने प्रदेश की राजीव गांधी प्रोद्यौगिकी यूनिवर्सिटी के साथ ही राजस्थान की यूनिवर्सिटी का उदाहरण दिया और कहा कि जीएसटी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू हुआ है तो बाकी यूनिवर्सिटी किस आधार पर छूट दे रही है। रजिस्ट्रार इसका जवाब नहीं दे पाए और सिर्फ यही कहते रहे कि एफिलिएशन चाहिए तो जीएसटी देना ही होगा।

...तो कॉलेजों से होगी रिकवरी
यूनिवर्सिटी प्रबंधन २०१२ से २०१७ तक के सर्विस टैक्स को लेकर भी चिंतित है। कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर यूनिवर्सिटी को कॉलेजों से ही पौने पांच करोड़ रुपए की रिकवरी करना होगी। कॉलेज हर साल बैलेंस शीट तैयार करते है। बीते वर्षों का भुगतान करने में वे भी आना-कानी करेंगे। इसमें सबसे बड़ी मुश्किल बंद हो चुके कॉलेज है।

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एफिलिएशन के नवीनीकरण के लिए १८ फीसदी जीएसटी भी लिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी को पिछले साल सेंट्रल एक्साइज ने नोटिस दिया था। यह प्रकरण अभी कोर्ट में विचाराधीन है। अगर हमें टैक्स से राहत मिलती है तो कॉलेजों को भी राशि लौटा दी जाएगी।

- डॉ. अजय वर्मा, रजिस्ट्रार