
इंदौर. देवी अहिल्याबाई ने शासन करने वालों के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है, इसका अनुसरण आज सत्ता में मौजूद लोगों को करना चाहिए। उन्होंने सत्ता का इस्तेमाल स्वयं के लिए कभी नहीं किया। उनमें मां का प्रेम और करुणा थी। मनुष्य को अपने दिन की शुरुआत ध्यान से करना चाहिए, जिससे कार्य उत्कृष्ट होते हैं।
रविवार को गांधी हॉल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई के 222वें पुण्य स्मृति समारोह में आचार्य डॉ. शिवमुनि ने उक्त बातें कही। मुख्य अतिथि नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री माया सिंह ने कहा, देवी अहिल्या ने 200 वर्ष पूर्व ही नारी शक्ति की स्थापना करकेयह साबित कर दिया था कि भारतीय नारी किसी से पीछे नहीं है। हमें अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लेकर ही सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश करना चाहिए। राज करने की जिस शैली की स्थापना उन्होंने की, उसका पालन करना हमारा राजधर्म होना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, देवी अहिल्या ने इंदौर में जिस तरह का शासन दिया, वैसा ही शासन हम सब शासकों को देने के लिए अपना संकल्प लेना चाहिए। मुझे आज हार्दिक प्रसन्नता है, देवी का यह पुण्यतिथि समारोह दिनोंदिन विशाल स्वरूप लेकर इंदौर की सांस्कृतिक यात्रा में एक मील का पत्थर बन गया है।
महापौर मालिनी गौड़ ने सुमित्रा महाजन को नगर निगम से 5 लाख रुपए की सहयोग राशि का चेक भी प्रदान किया। अतिथियों का स्वागत कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा, वि_लराव गावड़े, सुधीर देडग़े, कमलेश नाचन अनिल भोजे, राम मूंदड़ा एवं प्रकाश पारवानी ने किया। देवी अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को हुआ, उनका शासनकाल 1767 से 1795 तक रहा और निधन 13 अगस्त 1795 में हुआ।
बगानी और हांडा का सम्मान
इस मौके पर त्वचा दान, नेत्रदान प्रदान करने की प्रेरणा देने वाले जीतू बगानी तथा 82 वर्ष में सक्रिय सामाजिक सेवा के लिए इस स्नेहलता हांडा का भी सम्मान किया। इस अवसर पर पिछले 1 माह से चल रही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया। बड़ी संख्या में बच्चों ने पुरस्कार ग्रहणकर अपने आपको गौरवान्वित महसूस किया। इस अवसर पर बालकों के पालक भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विनीता धर्म व शरयु वाघमारे ने किया। आचार्य शिवमुनि ने लोकसभा स्पीकर को साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर विधायक सुदर्शन गुप्ता, आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी, जवाहर मंगवानी, योगेंद्र जैन सांड, दिलीप पाटनी मौजूद थे।
अहिल्या माता बन युवतियां बैठीं घोड़े पर
जयकारों के साथ गांधी हाल से पालकी यात्रा शुरू हुई तो पालकी उठाने की होड़ मच गई। इसमें घोड़ों पर अहिल्या माता का रूप धारण कर युवतियां बैठी थीं। बग्घी में सवार अहिल्या माता हाथ में शिवलिंग लिए थीं। बैंड बाजे के साथ यात्रा में अखाड़े और मलखम्ब ने प्रदर्शन किया। 14 होलकर शासकों के प्रतिरूप भी यात्रा में शामिल रहे। यात्रा गांधी हॉल से कृष्णपुरा छत्री, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, प्रिंस यशवंत रोड, राजबाड़ा होकर गोपाल मंदिर पहुंची। यहां आरती और प्रसाद वितरण हुआ। सुबह सद्गुरु अण्णा महाराज के सान्निध्य में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं अभिषेक हुआ। इंद्रेश्वर महादेव में रुद्राभिषेक का आयोजन किया।
Published on:
21 Aug 2017 02:51 pm
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