
इंदौर. शहर में प्रशासन का सस्ता डायग्नोस्टिक सेंटर जल्द शुरू होगा। यहां खून की जांच, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसे परीक्षण बाजार दरों से 40 से 60 प्रतिशत तक सस्ते होंगे। सेंटर में जांच उपकरण के साथ सेटअप और संचालन के लिए ऑपरेटर की तलाश की जा रही है। अपोलो हॉस्पिटल ने संचालन का प्रस्ताव दिया है।
प्रशासन ने छावनी स्थित लेडी ग्लोरी शिशु रक्षा केंद्र को अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर में तब्दील किया है। आजादी से पहले बना शिशु रक्षा केंद्र वर्षों से बंद था। पूर्व कलेक्टर पी. नरहरि ने यहां रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सस्ता डाग्नोस्टिक सेंटर बनाने की रूपरेखा तैयार की थी। इसे कलेक्टर निशांत वरवड़े के मार्गदर्शन में पूरा किया जा रहा है। सेंटर चेरिटेबल ट्रस्ट की तरह काम करेगा। इसका निर्माण सामाजिक डोनेशन के माध्यम से किया जाना था, लेकिन जिम्मेदारी बालाजी विनोद अग्रवाल ट्रस्ट ने लेकर भवन निर्माण करा दिया। एडीएम अजय देव शर्मा ने बताया, भवन तैयार है। इसमें ब्लड पैथालॉजी, सोनोग्राफी, एमआरआई, सीटी स्कैन जैसी महंगी जांचें भी होंगी। श्रेणीवार छूट आदि नहीं दी जाएगी। सेंटर पर सभी श्रेणी के लोगों को फायदा मिलेगा। इसके संचालन व उपकरण के लिए दो तरह के मॉडल पर कार्य कर रहे हैं। एक उपकरण डोनेशन से लेकर संचालन के लिए एजेंसी नियुक्त करना और दूसरा एक ही संस्थान को भवन देना, जो सभी उपकरण लगाए और न्यूनतम कीमत पर जांच करें।
अपोलो का प्रस्ताव आया
एडीएम शर्मा ने बताया, अपोलो हॉस्पिटल ने प्रस्ताव दिया है कि इसमें उपकरण लगाने के साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तय दरों के आधार पर सेंटर में शुल्क लिया जाएगा, जो बाजार से 40 से 60 प्रतिशत तक कम हैं। पहले मॉडल से गणना कर जो भी दरें बेहतर होंगी, उसी पर सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
हुकुमचंद पॉली क्लीनिक बनेगा डायग्नोसिस व डायलिसिस सेंटर
एमटीएच महिला अस्पताल और पीसी सेठी अस्पताल शुरू होने पर महिलाओं के इलाज के लिए 600 बिस्तर की क्षमता शहर के सरकारी क्षेत्र में होगी, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग हुकुमचंद पॉली क्लीनिक में डायग्रोसिस व डायलिसिस सेंटर बनाने की योजना बना रहा है। जहां 10 डायलिसिस मशीनों की सुविधा होगी।
एमटीएच कंपाउंड में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 500 बेड क्षमता वाला अस्पताल दो-तीन माह में शुरू करने की तैयारी है। इसी तरह 120 बेड की क्षमता का पीसी सेठी अस्पताल भी तैयार है। हुकुमचंद पॉली क्लीनिक में जनरल ओपीडी, रैबिज वैक्सीन, महिला व प्रसूति विभाग चल रहा है। शासन ने सरकारी अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर 10 डायलिसिस मशीन का सेंटर शुरू करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। कल्याणमल नर्सिंग होम में सेंटर शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन यहां डे-केयर सेंटर की योजना बनाई है। इसके चलते सीएमएचओ डॉ. एचएन नायक ने बैठक लेकर सेंटर को लेकर सुझाव मांगे थे। सिविल सर्जन डॉ. एमएस मंडलोई ने बताया, हुकुमचंद पॉली क्लीनिक में डायग्रोसिस व डायलिसिस सेंटर की योजना बनाई है। इसके लिए महिला व प्रसूती विभाग को बंद किया जाएगा। स्टॉफ को पीसी सेठी अस्पताल में शिफ्ट करेंगें। शहर के मध्य में होने से डायलिसिस मरीजों के लिए बड़ी सुविधा शुरू हो पाएगी।
Published on:
10 Mar 2018 08:49 am
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