इंदौर। लगातार बारिश के चलते शीतलामाता बाजार में मौजूद होलकर कालीन मकान 20 सेकंड में ही धराशायी हो गया। इस मकान के पिछले हिस्से में मौजूद लोगों को आसपास के दुकानों संचालकों ने बाहर निकाला।
शीतलामाता बाजार में वैष्णव विश्रांति भवन के सामने 19 नंबर मकान लकड़ी और मिट्टी से बना हुआ था। 12 फीट चौड़ा और 110 फीट लंबा मकान जर्जर था, इसे निगम ने 14 साल पहले ही जर्जर घोषित कर दिया था। मकान मालिक मंजू जैन और किराएदारों के बीच यहां पर कोर्ट में केस चल रहा था, जिसके चलते निगम इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा था।
इस मकान में एक किराएदार भाऊ लंबे समय से दुकान चला रहे थे। मंगलवार दोपहर में मकान धराशायी होने के बाद आसपास के दुकानदारों दामोदर शर्मा, मुरली उपाध्याय और भगवान नागल ने भाऊ को मकान से निकाला। पुलिस ने निगम के रिमूवल दस्ते को सूचना दी इस पर निगम के बुलडोजर ने मलबे को सड़क से साफ कर दिया।