
Disabled couple wedding (source: Patrika)
Disabled couple wedding:मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के नौलाना ग्राम निवासी संतोष कुमार लोढ़ा जीवन की चुनौतियों से जूझते हुए आगे बढ़े हैं। जन्म के छह माह बाद उन्हें पैरालिसिस हो गया। पिता रमेश चंद्र और माता भागू बाई ने विपरीत परिस्थितियों में भी उन्हें शिक्षा से जोड़े रखा। आज वे एक स्कूल में शिक्षक हैं और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
वहीं उदयपुर के शास्त्री नगर- खेमपुरा निवासी मधु भोई बाएं पैर से दिव्यांग हैं, लेकिन हौसले पूरी तरह मजबूत । वे शहर संचालित ब्यूटी पार्लर पर कार्य कर आत्मनिर्भर जीवन यापन कर रही हैं। परिवार में माता प्रेम बाई, भाई और चार बहन हैं। पिता कन्हैया लाल का देहांत हो चुका है। सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बावजूद मधु ने कभी हार नहीं मानी और संघर्षरत परिवार का संबल बनी रहीं। हालांकि, दिव्यांगता और आर्थिक स्थिति के कारण उनका विवाह नहीं हो पा रहा था। रिश्ते आते भी थे, लेकिन अक्सर लोग देखकर मना कर देते थे।
इसी बीच संतोष की मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान मधु से हुई। दोनों ने एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझा, सम्मान दिया। दोनों में मोबाइल से प्रायः बातचीत होने लगी जिसने शनैः शनैः प्रगाढ़ मैत्री का मार्ग प्रशस्त किया और अन्ततः दोनों ने जीवन साथ बिताने का निर्णय लिया।
नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 45वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में दोनों परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं। यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मनिर्भरता और सच्चे साथ की सुंदर मिसाल है, जो बताता है कि जब इरादे मजबूत हों, तो परिस्थितियां रास्ता नहीं रोक सकतीं।
Updated on:
10 Mar 2026 05:36 pm
Published on:
10 Mar 2026 05:36 pm
