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इंदौर. न्यूज टुडे.
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से फर्जी तरीके से हुई 9 निजी स्कूलों की मान्यता के मामले आरोपित जिला प्रोग्रामर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। वहीं दूसरे आरोपित जिला परियोजना समन्वयक ने गिरफ्तारी के डर से अग्रिम जमानत ले ली है। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल, बॉम्बे पब्लिक स्कूल, माइंड्स आई वल्र्ड स्कूल, श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल सहित ९ स्कूलों को फर्जी तरीके से मान्यता दी गई थी। जांच के बाद जिला राजेंद्र नगर पुलिस ने जिला प्रोग्रामर और जिला परियोजना समन्वयक को धारा 420 और आईटी एक्ट के तहत आरोपित बनाया है।
राजेंद्र नगर पुलिस द्वारा जिला परियोजना समन्वयक अक्षय सिंह राठौर और जिला प्रोग्रामर धीरेंद्र परिहार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए डीपीसी राठौर पहले जिला कोर्ट गए, लेकिन यहां जमानत खारिज कर दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली। वहीं प्रोग्रामर परिहार को जमानत नहीं मिल पाई। इसी के चलते हाल ही में परिहार ने कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने दो दिन की रिमांड ली है। शुक्रवार को राजेंद्र नगर पुलिस परिहार को लेकर डीपीसी कार्यालय लेकर आई थी। यहां पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और पूछताछ की। बता दें कि कुछ दिन पहले ही राजेंद्र नगर पुलिस ने इस मामले में पूर्व डीईओ सीके शर्मा व डीईओ कार्यालय के कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी। राजेंद्र नगर थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि कोर्ट से परिहार की दो दिन की रिमांड मिली है। पूछताछ जारी है। हमने एक लेपटॉप भी जब्त किया है। इसके साथ भोपाल से भी कुछ जानकारी आना शेष है।
बड़ा नाम जुड़ा है मामले में
विभागीय सूत्रों अनुसार जिन 9 स्कूलों की फर्जी मान्यता हुई थी उनमें दिव्य शक्ति स्कूल भी शामिल है। इस स्कूल के संचालक एक बड़े ग्रुप से जुड़े हुए हैं इसलिए पुलिस इस मामले को जल्दी निपटाने में जुटी हुई हैं। इधर, पुलिस की कार्रवाई से डीपीसी राठौर डरे हुए हैं। इसी कारण उन्होंने अग्रिम जमानत ली है।
Published on:
27 Apr 2019 11:35 am
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