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DPS स्कूल बस हादसे के आरोपी पकड़ाए, कोर्ट ने रिमांड पर भेजा

डीपीएस स्कूल की बस और ट्रक की भिड़ंत में चार मासूम बच्चों सहित ड्राइवर की जान चली गई है ...

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इंदौर. बायपास पर डीपीएस बस हादसे के बाद पहली कार्रवाई के तहत गिरफ्तार स्कूल के ट्रांसपोर्ट मैनेजर चैतन्य कुमावत, स्पीड गर्वनर लगाने वाले सुविधा ऑटो गैस के संचालक नीरज अग्निहोत्री व कर्मचारी जलज मेश्राम की 10 जनवरी तक रिमांड मिलने के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

पुलिस जांच में पता चला कि स्पीड गर्वनर कंपनी रोस मर्टा टेक्नोलॉजिस लि. से डीलरशिप अनुबंध नहीं होने के बाद भी आरोपितों ने दुर्घटनाग्रस्त बस के साथ ही दो अन्य बसों को रिन्यू सर्टिफिकेट जारी किए थे। इसके चलते पुलिस ने धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने के बाद ताजा मामले में धोखाधड़ी की धारा 420, 467, 468, 471 भी बढ़ा दी है।

टीआई राजेंद्र सोनी के मुताबिक, गति नियंत्रक उपकरण (एसएलडी) रोस मर्टा टेक्नोलॉजिस के थे। सुविधा ऑटो गैस के संचालक के पास इस कंपनी की डीलरशिप भी नहीं है। प्राथमिक जांच में पता चला कि, स्कूल प्रबंधन ने सुविधा ऑटो गैस वालों को बुलाया तो उन्होंने चार बसों में स्पीड गर्वनर लगाए और दुर्घटनाग्रस्त बस के साथ ही दो अन्य बसों में लगे गर्वनर को रिन्यू कर सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

नए गर्वनर के 3600-3600 रुपए लिए, जबकि 1000 रुपए लेकर पुराने को रिन्यू कर दिया। पुलिस अब अन्य बसों में लगे गर्वनर की जांच करने के साथ ही पैसों को लेकर भी पूछताछ करेगी।

रजिस्टर्ड भी नहीं!
स्पीड गर्वनर लगाने के लिए सुविधा ऑटो गैस आरटीओ की साइड पर रजिस्टर्ड भी नहीं है। इसके बाद भी डीपीएस के साथ अन्य स्कूल व कॉलेज की बसों में स्पीड गर्वनर लगाने कर रही है। इसकी भी जांच होगी। टीआई सोनी के मुताबिक, स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम लगे हैं। जीपीएस रिकॉर्ड जांच में डीपीएस की 50 बसों में स्पीड लिमिट का उल्लंघन पाया गया। पुलिस मामले में आरटीओ से भी सवाल-जवाब करेगी। आरटीओ को नोटिस देकर पूछा जाएगा कि किसने बस को फिटनेस दिया। बसों का पुलिस भौतिक सत्यापन कर आरटीओ को जानकारी देगी।

पर्याप्त सबूत हैं
लसूडिय़ा पुलिस चैतन्य, नीरज व जलज को कोर्ट लेकर पहुंची और तीन दिन का रिमांड मांगा। आरोपितों के वकील ने तर्क रखा कि मामले में संचालक नीरज का कोई दोष नहीं है, उन्हें फंसाया जा रहा है। टीआई राजेंद्र सोनी ने कहा, आरोपितों ने रिन्यू सर्टिफिकेट जारी किया है। पुलिस ने स्कूल बसों को सील किया है, आरोपित की दुकान भी सील की है। सभी की जांच होना है। इनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। टीआई से सहमत होकर कोर्ट ने 10 जनवरी तक रिमांड पर सौंपा।