सूखे मेवे की मिठाई 700 रुपए से लेकर 1400 रुपए तक हैं...
इंदौर। दीपावली पर शहर में बनी मिठाइयों ने विदेशों तक अपनी चमक बिखेरी। इस बार शहर में करीब तीन करोड़ रुपए की मिठाइयों की बिक्री हुई। वहीं इंदौर की मिठाइयां एडवांस बुकिंग के जरिए महाराष्ट्र और गुजरात की कंपनियों से लेकर दुबई-सिंगापुर और लंदन में रहने वाले लोगों तक डिलीवर की गई। नमकीन और मिठाई एसोसिएशन के सचिव अनुराग बोथरा ने बताया कि इंदौर के प्रमुख कन्फेक्शनरी संस्थानों से करीब 1000 किलो मिठाइयां विदेश भेजी गई।
सिंगापुर के साथ सबसे ज्यादा मिठाइयां दुबई और लंदन भेजी गई। मध्य प्रदेश और इंदौर से जुड़े विदेशी और अप्रवासी भारतीयों ने खुद या अपने रिश्तेदारों के माध्यम से मिठाई का ऑर्डर दिया। फेस्टिवल सीजन में इंदौर में दूध और मावे से बनी मिठाइयां 400 से 600 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रही हैं। जबकि सूखे मेवे की मिठाई 700 रुपए से लेकर 1400 रुपए तक हैं।
इस साल 50 टन से अधिक मिठाई की बिक्री हुई
इंदौर की दुकानों से दीपावली के 3 दिनों में ही कम से कम 50 टन मिठाई की बिक्री हुई। ड्राई फ्रूट्स मिठाई सूची में सबसे ऊपर है। इनमें भी काजू कतली बिक्री के मामले में अव्वल है। पहले सोन पापड़ी को सबसे ज्यादा बिकने वाली मिठाई माना जाता था।
125 टन से अधिक हुई नमकीन की खपत
इंदौरवासियों ने करीब 200 करोड़ की नमकीन की खरीदी की क्योंकि इंदौर में नमकीन के करीब 80 बड़े व्यापारी हैं। इनमें ऑर्गेनाइज कंपनी से लेकर पुराने कई सालों से काम काम कर रहे व्यापारी भी शामिल हैं। वहीं लगभग 1200 छोटे व्यापारी हैं। करीब 125 टन से अधिक नमकीन की खपत हुई।