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’17 किमी.’ का रूट तय, एमपी के इस जिले में मार्च 2026 तक चलेगी मेट्रो

Metro Project: लगभग 5 किमी. लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए जियो-टेक्निकल स्टडी (सर्वे) का टेंडर जारी कर दिया गया है।

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Metro Project

Metro Project प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

Metro Project:एमपी के इंदौर शहर में खजराना से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो टनल को लेकर मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में रूट संशोधन का फैसला होने के करीब डेढ़ महीने बाद अब लगभग 5 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए जियो-टेक्निकल स्टडी (सर्वे) का टेंडर जारी कर दिया गया है। यह सर्वे अंडरग्राउंड निर्माण की तकनीकी संभावनाओं और जोखिमों को तय करेगा।

इधर, मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक करीब 17 किलोमीटर के हिस्से में मार्च 2026 से मेट्रो ट्रेन संचालन का लक्ष्य तय किया है। अगले महीने सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम सुरक्षा ऑडिट के लिए इंदौर पहुंचने वाली है। इसके साथ ही सभी 16 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

तीन स्टेशन, एक हटाया

जियो-टेक्निकल सर्वे लगभग 5 किलोमीटर के हिस्से में किया जाएगा। इस रूट पर खजराना, बंगाली चौराहा और पलासिया चौराहे पर अंडरग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित हैं। पहले पत्रकार कॉलोनी चौराहे पर स्टेशन बनाया जाना था, लेकिन उसे हटाने का फैसला किया गया, जिससे लगभग 300 करोड़ रुपए की बचत होगी।

एक साल से ज्यादा लग सकता है समय

अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे में 2 से 3 महीने लगेंगे। इसके बाद डीपीआर तैयार करने, पुराने टेंडर को शॉर्ट टर्मिनेट कर नया ठेका देने और निर्माण शुरू होने में एक साल से अधिक का समय लग सकता है। इसके बाद ही इस सेक्शन पर वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

स्टेशनों पर पार्किंग बनेगी एजेंसियों की तलाश

मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने सभी 16 स्टेशनों पर पार्किंग सुविधा विकसित करने के लिए भी एजेंसियों को आमंत्रित किया है। फिलहाल कई स्टेशनों पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति भी जताई थी। मेट्रो ने इंदौर विकास प्राधिकरण से पार्किंग के लिए जमीन मांगी है।

रूट को लेकर लंबा विवाद, अब आगे बढ़ी प्रक्रिया

मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट को लेकर लंबे समय तक सहमति नहीं बन पाई थी। पहले एयरपोर्ट से एमजी रोड तक अंडरग्राउंड और रोबोट चौराहे से पलासिया तक एलिवेटेड कॉरिडोर तय किया गया था। बाद में जनप्रतिनिधियों ने खजराना से पलासिया तक अंडरग्राउंड मेट्रो चलाने का सुझाव दिया, जिसके चलते पूरा काम ठहर गया था।

14 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुई बैठक में खजराना से पलासिया तक अंडरग्राउंड मेट्रो पर अंतिम फैसला हुआ। इस बदलाव से परियोजना लागत में करीब 900 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वृद्धि होगी, जिसका वहन राज्य सरकार करेगी।