
मेहनत करके चुनाव जिताया भाजपाई...श्रेय सज्जन, छोटू, अरविंद व अनवर को
इंदौर। साहब, चुनाव में हमने ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया और जोरदार मेहनत की तब जाकर १५ साल बाद तीन नंबर विधानसभा में पार्टी का परचम लहराया। जीत के बाद कार्यकर्ताओं की मेहनत को सराहने की बजाय कहा जाता है कि मुझे तो सज्जन, छोटू, अरविंद और अनवर ने जिताया। ऐसा बोलकर हमारा अपमान किया गया। हम भी समय का इंतजार कर रहे थे। आप किसी को भी टिकट दे दो पर उषा ठाकुर नहीं चलेंगीं।
ये बातें कल दीनदयाल भवन में तीन नंबर भाजपा के नेताओं ने संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा से मुलाकात कर कहीं। बकायदा सभी नेता समय लेकर पहुंचे थे। चर्चा की शुरुआत प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने की। कहना था कि संगठन के सामने अपनी पीड़ा रखने आए हैं।
हम नहीं कहते हैं कि इसको टिकट दो, उसको टिकट दो, लेकिन हम चाहते हैं कि ठाकुर को टिकट मत दो। उनके अलावा किसी को भी दे दो, हम पूरी ताकत लगाकर उसे जिताकर लाएंगे। इस बीच बबन शर्मा ने कहा कि एक नंबर में भी ठाकुर ने संगठन के साथ ऐसा ही किया था, जिसकी वजह से पार्टी को उनका टिकट काटना पड़ा था। चर्चा में गोविंद मालू का गुस्सा भी बाहर आ गया।
दो दिन पहले ठाकुर समर्थकों ने मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा में भाई की पिटाई कर दी थी। कहना था कि हम भी सब कर सकते थे पर तमाशा खड़ा हो जाता और मुख्यमंत्री व पार्टी की प्रतिष्ठा खराब होती। कार्यकर्ताओं को जोडऩे के बजाय उसे तोडऩे का प्रयास किया जाता है। कार्यकर्ता हमारे साथ रहता है तो उसका अपमान कर नुकसान पहुंचाया जाता है।
चर्चा के दौरान एक वरिष्ठ ने सबको रोककर कहां कि साहब हमने तीन नंबर जिताने में पूरी जान फूंक दी, लेकिन बाद में विधायक बोलती हैं कि मुझे तुम लोगों ने नहीं सज्जन वर्मा, छोटू शुक्ला, अरविंद बागड़ी और अनवर कादरी ने जिताया है। इस पर संगठन मंत्री चावड़ा ने पूछ लिया कि ये सब बताने में इतना लेट क्यों हो गए? इस पर एक सुर में नेताओं का कहना था कि ये सब बताने का उचित समय नहीं था। अब वक्त आ गया है, इसलिए सारी कहानी आपके सामने रख दी है।
आखिरी में पूर्व पार्षद मीना अग्रवाल ने तो यहां तक बोल दिया कि यहां ३३ जवाबदार नेता हैं, पार्टी ने उषा को टिकट दिया तो बहुत मुश्किल होगी। सब कुछ न कुछ बखत रखते हैं। हार का आंकड़ा २०-२५ हजार से से कम नहीं होगा। तीन नंबर की ये टीम अब भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह व सुहास भगत से मिलने की तैयारी कर रही है।
नहीं लौटाए दस लाख
अजा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले भाजपाई अशोक पटेल ने कहा कि दुर्गा सप्तशती कार्यक्रम के लिए मुझसे दस लाख रुपए लिए थे, लेकिन आज तक नहीं लौटाए। मैं बार बार मांगता हूं तो अब में बुरा हो गया।
गोपी कैसे भी हैं पर संवाद रखते हैं
नगर भाजपा अध्यक्ष गोपी नेमा के परंपरागत विरोधी ललित पोरवाल के कल सुर बदले हुए थे। कहना था कि जब गोपी भैया विधायक थे तब हमसे संवाद करते थे। उनको मालूम था कि हम उनके घोर विरोधी हैं और चुनाव में टिकट मांगेंगे। उसके बावजूद उन्होंने बात बंद नहीं की। व्यवहार बनाकर चलते थे। हमसे जुड़े कार्यकर्ताओं को नुकसान नहीं किया।
ये थे प्रमुख नेता
गोविंद मालू, ललित पोरवाल, उमेश शर्मा, सुमित मिश्रा, दिनेश पांडे, हरीश डागूर, टीकम जोशी, गंगाराम यादव, राजू जोशी, अनिल बिंदल, मीना अग्रवाल, बबन शर्मा, विनोद ठाकुर, निखिल खानविलकर, राजू सालातलकर, मुकेश मंगल, कमल वर्मा, मनीष शर्मा, राजेद्र केलोनिया, कमलेश नाचन, रामदास गर्ग, कैलाश विरांग, श्रेष्ठा जोशी व अरुण मोदी सहित कुल ३३ जवाबदार नेता थे।
Published on:
23 Oct 2018 10:43 am
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