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फेसबुक पर ऐसे मिल रहीं कॉल गर्ल, क्राइम ब्रांच ने पकड़े अकाउंट और पेज

इन दिनों इंटरनेट के माध्यम से call girls सप्लाय करने का अपराध तेजी से बढ़ रहा है ...

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इंदौर. इन दिनों इंटरनेट के माध्यम से कॉल गल्र्स सप्लाय करने का अपराध तेजी से बढ़ रहा है। कुछ दिनों पहले इंदौर में एक बड़ी वेबसाइट के संचालक को पुलिस ने पकड़ा था जो वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद शहर की बड़ी होटल्स में कॉल गर्ल भेजता था।

यह मामला थमा भी नहीं था कि क्राइम ब्रांच ने फेसबुक के माध्यम से कॉल गल्र्स भेजने वाले एक रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। क्राइम ब्रांच ने कई ऐसे फेसबुक अकाउंट और पेज ट्रेस किए हैं जिनके माध्यम से लोगों को कॉल गल्र्स सप्लाय की जा रहीं थी।

कैसे चलता है फेसबुक से गोरखधंधा
फेसबुक के माध्यम से कॉल गर्ल सप्लाय करने के लिए कई फेक पेज बनाए जाते हैं। इन पेजों पर कुछ नंबर डले होते हैं और लगातार इन पर सुंदर सुंदर लड़कियों के फोटो पोस्ट किए जाते हैं। जब इन पेजों पर दिए गए नंबरों पर लोग कॉल करते हैं तो इस गोरखधंधे से जुड़े हुए लोग इन लोगों को कॉल गर्ल भेजने का ऑफर देते हैं।

इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इसमें रुचि दिखाता है तो उसे इन लड़कियों के फोटो और वीडियो भेजे जाते हैं। इस काम के लिए व्हाट्सएप का उपयोग किया जाता है। व्यक्ति को वीडियो पसंद आने के बाद उससे एडवांस लिया जाता है और किसी होटल में एक निश्चित तारीख पर किसी कमरे का नंबर दे दिया जाता है। तय समय पर जब वह व्यक्ति वहां पहुंचता है तो कॉल गर्ल को भी वहीं पहुंचा दिया जाता है।

एजेंटों के माध्यम से लड़कियां उपलब्ध
पुलिस ने फेसबुक प्रोफाइल बनाकर एस्कॉर्ट सर्विस चलाने वाले युवक को पकड़ा है। आरोपित फेसबुक पेज के जरिए संपर्क करने वाले व्यक्ति को एजेंटों के माध्यम से लड़कियां उपलब्ध करा देता था।

साइबर सेल के एसपी जितेंद्रसिंह के मुताबिक, सोशल साइड पर चल रही गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान संदिग्ध फेसबुक प्रोफाइल की बात सामने आई थी। मामले में आईटी एक्ट के तहत केस किया गया था। इस दौरान सेक्स एस्कॉर्ट सर्विस इंदौर नाम से फेसबुक पेज बनाकर सुरक्षित व हाई प्रोफाइल सर्विस का वादा किया जा रहा था।

एसआई आमोदसिंह, अंबाराम, प्रधान आरक्षक रामप्रकाश वाजपेयी, रामपाल की टीम ने छानबीन करते हुए मामले में पेज बनाने वाले रवि पिता प्रकाश बलवानी निवासी द्वारकापुरी को पकड़ा।

पूछताछ में आरोपित ने देह व्यापार में लिप्त होने की बात स्वीकार ली। उसने सोशल साइड्स के बढ़ते इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से फेसबुक प्रोफाइल बनाने की बात स्वीकार की।

आरोपित का कहना था कि फेसबुक पेज बनने के बाद उससे काफी लोगों ने संपर्क किया। उसकी ऐसे एजेंटों से पहचान है जो अन्य राज्यों से यहां कॉल गर्ल बुलाकर देह व्यापार संचालित करते है।

जो भी लोग संपर्क करते उनसे वह एजेंटों के माध्यम से लड़कियां उपलब्ध कराता और पैसा लेता था।

साइबर सेल को एजेंटों के नाम भी मिले हैं। आरोपित का कहना है जिन लड़कियों को वह बुलाता उन्हें दिन के हिसाब से भुगतान करता था।