13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्रजभूमि की यात्रा….जमीन तैयार कर रहे गोपी

क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपाइयों को गोपी नेमा ले जा रहे घुमाने-फिराने

2 min read
Google source verification
gopi neema

ब्रजभूमि की यात्रा....जमीन तैयार कर रहे गोपी

इंदौर। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे नेता अपनी बिसात जमाने में जुट गए हैं। ३ नंबर भाजपा के पुराने कार्यकर्ता एक बार फिर एक जाजम पर जुटने जा रहे हैं। पूर्व विधायक गोपी नेमा के खास उन्हें मथुरा-वृंदावन की यात्रा पर ले जा रहे हैं। पहले चरण में 100 लोगों का लक्ष्य रखा है, जिसमें ७५ का पंजीयन हो गया है।

शहर का दिल और पुराने शहर से ताल्लुक रखने वाली तीन नंबर विधानसभा की भाजपा में उठापटक का दौर तेज हो गया है। विधायक उषा ठाकुर अपनी टीम के साथ मैदान में हैं तो पूर्व विधायक गोपी नेमा ने भी बाहें चढ़ा ली हंै। वे एक बार फिर क्षेत्र से भाग्य आजमाना चाहते हैं। जिसको लेकर उनकी टीम ने भी मैदान पकड़ लिया है।

तीन नंबर के उन पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय किया जा रहा है, जो कुछ समय से उपेक्षा के शिकार हैं। उनके अलावा विधायक से नाराज नेता व कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा जा रहा है। इस राजनीतिक जोड़-घटाव के चलते टीम नेमा ने एक धार्मिक यात्रा की योजना भी बनाई है।

१९ से २१ जुलाई के बीच मथुरा-वृंदावन की यात्रा कराई जा रही है। चलो ब्रज भूमि के नाम पर बकायदा पंजीयन किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी कमल वर्मा, मीना अग्रवाल, मोहन पंडित, घनश्याम व्यास और नंदू कंदोई को सौंपी है। बताते हैं कि पहले चरण में 100 लोगों को ले जाया जाएगा।

इसको लेकर पंजीयन शुरू कर दिया गया, जिसमें अब तक ७५ की एंट्री हो गई है। बकायदा सभी को बसों से लाने ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। वहां ठहरने से लेकर खाने-पीने तक का एक नंबर प्रबंध किया जाएगा। इसको लेकर दो दिन पहले तुकोगंज छावनी स्थित भोलेनाथ मंदिर में एक बड़ी बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें काम को बांटा गया।

2008 में हार गए थे चुनाव
एक समय था जब तीन नंबर विधानसभा कांग्रेस का किला मानी जाती थी। आठ बार की सांसद व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी यहां से विधानसभा का चुनाव हार चुकी हैं। पार्टी को तो ठीक प्रत्याशी को भी मालूम रहता था कि उसका जीतना टेढ़ी खीर है। उस समय से नेमा तीन नंबर में सक्रिय हैं। लगातार चुनाव लड़े और हार-जीत लगी रही। २००८ के चुनाव में महज 400 वोटों से हारे थे, जिसके बाद २०१३ में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। उसके बावजूद वे सक्रिय हैं।