विधानसभा चुनाव देख विधायक संजय शुक्ला ने कांग्रेस नेता रफीक खान को दी एनओसी और कमल नाथ से मिलवाकर पार्टी में करवाया शामिल
इंदौर. सात माह से कांग्रेस से बाहर रहे रफीक खान की कल वापसी हो गई है। उनकी वापसी से अन्य निष्कासित कांग्रेसियों के भी वापस आने के रास्ते खुल गए हैं, जो शहर के बड़े नेताओं के जरिए निष्कासन खत्म कराने में जुट गए हैं। इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए रफीक की पार्टी में वापसी विधायक संजय शुक्ला ने कराई और साथ में भोपाल ले जाकर प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ से भी मिलवाकर कांग्रेस में शामिल करवाया।
जुलाई 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव के दौरान पार्षद बनने का सपना लेकर कांग्रेस के घोषित प्रत्याशियों के साथ पार्टी से टिकट न मिलने पर बगावत कर चुनावी मैदान में कई नेता उतरे थे। शहर के 85 वार्ड में से कांग्रेस 19 वार्ड ही जीत पाई और बाकी में हार का मुंह देखना पड़ा। हारने वालों में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी और बगावत कर चुनावी मैदान में उतरने वाले नेता भी शामिल थे। शहर के 85 में से 7 वार्ड में कांग्रेस के बागी चुनाव लड़े थे। इनमें सिर्फ एक वार्ड 2 नंबर से फातिमा रफीक खान ही जीती थीं।
वार्ड 19 से रेखा अशोक जाधव, वार्ड 51 से संतोष यादव, वार्ड 55 से क्षमा मुकेश जैन, वार्ड 26 से विकास जाटवा, वार्ड 56 से धनराज घाटे, वार्ड 39 में तस्लीम वाहिद अली और वार्ड 41 से जय वर्मा हार गए। चुनाव से पहले इनकी मान-मनौव्वल भी की गई पर यह बागी नहीं माने और चुनावी मैदान में डटे रहे। पार्टी के खिलाफ बगावत कर चुनावी मैदान में उतरे बागियों को पार्टी से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया। वार्ड 41 से वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा के भतीजे जय वर्मा को छोडक़र बाकी बचे छह बागियों को पार्टी से निष्कासित किया गया था, क्योंकि जय कांग्रेस के सदस्य नहीं थे।
इधर, कल जब बगावत कर वार्ड 2 से पत्नी को पार्षद का चुनाव लड़वाकर जितवाने वाले कांग्रेस नेता रफीक खान का निष्कासन खत्म कर पार्टी में वापसी करवाई गई तो यह देख अन्य निष्कासित नेताओं ने भी अपनी वापसी की गोट बैठना शुरू कर दिया है। अपने राजनीतिक आकाओं और अन्य बड़े नेताओं के भरोसे वापसी का रास्ता खोजा जा रहा है।
शुक्ला को आपत्ति न होने पर लौट पाए
खान को पार्टी में वापस लेने पर विधायक शुक्ला को कोई आपत्ति न होने की वजह इस वर्ष होन वाले विधानसभा चुनाव हैं। वार्ड-2 उनकी विधानसभा में आता है और कांग्रेस नेता रफीक की वार्ड में मुस्लिम सहित अन्य वर्ग में अच्छी पकड़ है। इसलिए विधायक शुक्ला ने उनकी वापसी करवाई ताकि चुनाव में फायदा मिल सके। मालूम हो कि पार्टी से बाहर होने के बावजूद रफीक कांग्रेस पार्षदों के साथ ही रहते थे। हर बैठक और कार्यक्रम में भी शामिल होते थे।
नाथ बोले- तुम तो पुराने कांग्रेसी हो
कांग्रेस से बाहर हुए रफीक खान की कांग्रेस में फिर से वापसी को लेकर कई दिनों से कवायद चल रही थी। पत्नी फातमा खान के पार्षद बनने पर रफीक की कांग्रेस में फिर से इंट्री को लेकर मदद मुस्लिम वर्ग से बने पार्षद, विधायक जीतू पटवारी, वरिष्ठ नेता शोभा ओझा और नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे सहित अन्य कर रहे थे। इसके अलावा पार्टी में इंट्री से पहले रफीक को क्षेत्रीय विधायक शुक्ला की एनओसी भी जरूरी थी, जो कि उनको मिल गई और शुक्ला खुद उन्हें अपने साथ भोपाल लेकर पहुंचे। यहां पर प्रदेशाध्यक्ष नाथ से मिलवाया और कांग्रेस में वापसी करवाई। नाथ ने रफीक से मिलकर कहा तुम तो पुराने कांग्रेसी हो और पार्टी में आने के बाद अच्छे से काम करो।