
इंदौर. क्राइम ब्रांच ने एक अंर्तराज्यीय गिरोह के पांच लोगो को पकड़ा है जो दो हजार, पांच सौ, सौ रुपए के नकली नोट बनाकर इंदौर सहित सूरत में चला रहे थे। लैपटॉप के जरिए नोट स्कैन कर कलर प्रिंट आउट के जरिए नोट बनाकर ये लोग पेट्रोल पंप, शराब दुकान व अंधेरे वाली जगहों पर चला रहे थे। छह महीने में दस लाख रुपए के नोट छापकर उसमें से ७.४० लाख रुपए के नकली नोट वो चला भी चुके थे।
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच एएसपी अमरेंद्र सिंह की टीम ने रविवार को नरेंद्र उर्फ नंदू चौहान (२८) निवासी ग्राम बलोदा लक्खा, बडऩगर, राजेश माली (३३) निवासी खातीपुरा, चंद्रशेखर परमार (२२) निवासी राजनगर, नरेश पंवार (३६) निवासी सेठी नगर, रामेश्वर उर्फ राजू परिहार (३५) निवासी बेटमा को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपित के पास से २.६० लाख रुपए के नकली नोट जब्त हुए है। इनका साथी अभिषेक चौहान (१९) निवासी कल्याण संपत कॉलोनी बेटमा फिलहाल फरार है। आरोपित से जब्त नोट में दो हजार, पांच सौ और सौ रुपए के नोट है। इसके अलावा नोट छापने में इस्तेमाल करने वाला लैपटॉप, प्रिंटर, पेपर कटर, केमिकल, कलर व पेपर भी जब्त हुए। आरोपित असली नोट को अच्छी क्वालिटी पर स्कैन कर उसका प्रिंट आउट निकालते थे। इसमें गांधीजी की वाटर इमेज बनाते। आरोपित को पकडऩे वाली टीम को बीस हजार रुपए का इनाम दिया गया।
मजाक में बनाया नोट
वर्ष २००५ में नरेश का एक निजी बैंक के कैशियर से दोस्ती थी। उससे मिलने अक्सर वो बैंक जाता था। एक बार दोस्तों के सामने उसने मजाक में नकली नोट बनाया। नोट हूबहू असली जैसा बना तो उसके दिमाग में नकली नोट बनाने का ख्याल आया कि अच्छे प्रिंटर का इस्तेमाल कर अच्छी क्वालिटी के नोट बना सकता है। यही से उसके नकली नोट बनाने की शुरूआत हुई। पूछताछ में वो पुलिस से कहने लगा कि जब आपको नकली नोट मिले तो समझ जाना कि नरेश जेल से बाहर आ गया है।
तीन गुना दाम पर नोट
नरेश की जेल में पहचान राजेश व चंद्रशेखर से हुई। जेल से छूटने के बाद दोनो उसके साथ काम करने लगे। नरेश नकली नोट बनाकर नरेंद्र, राजेश व चंद्रशेखर को देता था। १० हजार के असली नोट के बदले में ३० हजार रुपए के नकली नोट वो देता। तीन गुना मुनाफे के चलते वो लोग पेट्रोल पंप, शराब दुकान, ढाबो व अंधेरे वाली जगहों पर नोट चलाते जहां कोई नोट पर ध्यान नहीं देता। नोट के लिए मुंबई से अच्छी क्वालिटी का पेपर व इंक वो लाते थे।
मध्यप्रदेश व गुजरात में चलाए
इंदौर, धार, उज्जैन, बडऩगर के साथ ही सूरत गुजरात में नकली नोट चला चुके है। फरार आरोपित अभिषेक ने सूरत में धनराज के माध्यम से चार लाख रुपए के नोट चलाए है। धनराज ने उन्हें कहां था कि सूरत में भी वो लोग नकली नोट बनाना शुरू करे ताकि ज्यादा से ज्यादा नोट चलाए जा सके। इसके लिए जगह व अन्य इंतजाम भी वो ही करवाने वाला था। पुलिस धनराज के बारें में जानकारी जुटा रही है। उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
Published on:
29 Oct 2017 07:53 pm
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