
court : 12 साल तक जेल में रहा किसान, हाई कोर्ट में झूठे साबित हुए सभी आरोप
court : इंदौर. हत्या का षडय़ंत्र करने के अपराध में करीब 12 साल तक जेल में रहे किसान को अब वास्तव में न्याया मिला है। हाई कोर्ट किसान सहित कुल 6 आरोपियों की अपील पर निचली अदालत के फैसले को खारिज करने के आदेश दिए है। परिस्थिति जन्य सबूतों को आधार पर बनाकर निचली अदालत द्वारा करीब 12 साल पहले दिए गए फैसले को हाई कोर्ट की युगल पीठ ने गलत माना है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी लिखा है कि निचली अदालत ने केस के तथ्यों का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया है। 6 आरोपियों में एक महिला भी थी, जिसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, हालांकि किसान सज्जन सिंह के अलावा अन्य आरोपियों को 3-3 साल जेल में रहने के बाद जमानत मिल गई थी। सज्जन सिंह तभी से जेल में बंद थे और गुरुवार को जेलसे बाहर आएंगे।
एडवोकेट मनीष यादव ने बताया, अक्टूबर 2008 में आरोपी महिला धीरप बाई के पति रामलाल की लाश मिली थी। पुलिस ने इस केस में धीरप बाई सहित सज्जन सिंह, ईश्वर सिंह, प्रेम सिंह, तूफान सिंह और मान सिंह को उनकी हत्या का आरोपी मान कर केस दर्ज किया था। रामलाल की हत्या के कुछ दिनों बाद उसके शव का कंकाल सज्जन सिंह की जमीन से मिला था। हत्या का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई गई है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और सत्येंद्र कुमा सिंह की कोट में पिछले दिनों अपील पर अंतिम बहस हुई थी और बुधवार को फैसला सुनाया गया है। निचली अदालत द्वारा दिए गए अर्थदंड की राशि भी अपीलकर्ताओं को वापस लौटाने के आदेश दिए गए है।
Published on:
01 Apr 2022 04:10 pm

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