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कुख्यात फौजा गुंडे के अपराधी भाई का अंधा-कत्ल

नाइट्रावेट के नशे में फायरिंग करने वाले फौजा का भाई गुल्ला मृत मिला, माणिकबाग ब्रिज के नीचे रेलवे पटरी पर रात 1 बजे मिला शव

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murder mystery

न्यूज टुडे@ इंदौर. कुख्यात गुंडे फौजा के आपराधिक प्रवृत्ति वाले बड़े भाई का शव रात एक बजे रेल की पटरी पर पड़ा मिला है। आशंका है कि किसी ने उसका अंधा कत्ल किया है और शव को पटरी पर फेंक दिया ताकि मामला खुदकुशी का बने। इससे पहले कि शव किसी ट्रेन की चपेट में आता पुलिस ने शव उठवाकर पीएम के लिए पहुंचाया।

जूनी इंदौर पुलिस के अनुसार देर रात सूचना मिली थी कि माणिक बाग पुल के नीचे विजय पैलेस कॉलोनी के सामने रेल की पटरियों पर शव पड़ा है। मौके पर जांच करने गई पुलिस ने 30 वर्षीय युवक का शव बरामद कर पड़ताल शुरू की। मृतक की पहचान शहजाद उर्फ गुल्ला पिता अब्दुल सत्तार (36) निवासी साऊथ तोड़ा के रूप में परिजन द्वारा की गई। आगे पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक गुल्ला रावजी बाजार इलाके के लिस्टेड बदमाश फौजा का बड़ा भाई है।

पीएम से होगा खुलासा
जिस जगह गुल्ला का शव मिला, वह स्थान राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का होने के कारण आगे की कार्रवाई के लिए वहां की पुलिस को सौंपा गया। जहां शव मिला, उससे कुछ ही कदम के फासले पर एक चाय की गुमटी है, जहां गुल्ला व उसके साथी रोज बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया करते थे। गुल्ला के खिलाफ भी विभन्न थानों में सात से अधिक प्रकरण लम्बित हैं। वह भी नशे का आदी होना बताया गया है। फौजा गैंग की कुछ अन्य आपराधियों से रंजिश चल रही है। इसी के चलते पुलिस को गुल्ला की हत्या की आशंका है। शव की जांच करने पर मृतक के शरीर पर जाहिर तौर पर कोई बड़ी चोट का निशान या घाव नहीं मिला है। पुलिस का अनुमान है कि मामला हत्या, हादसा या खुदकुशी हो सकता है।

तंजीम नगर में बदमाश ने युवक को चाकू मारा
इंदौर द्य खजराना क्षेत्र के तंजीम नगर में एक युवक को बदमाश ने चाकू मार दिया। पुलिस के अनुसार अरबाज पिता शरीफ निवासी शाहीबाग की शिकायत पर कादिर निवासी तंजीम नगर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि कल उसे आरोपी ने रास्ते में रोक लिया था। अकारण ही उसके साथ गाली-गलौज करने लगा था। वहां से जाने लगा तो बदमाश ने चाकू मारकर घायल कर दिया।

भाई को सजा हुई, तो ओपन-फायरिंंग
सरफराज उर्फ फौजा ने कुछ साल पहले 2012 में एक ही रात में नाइट्रावेट के नशे में शहर में पांच स्थानों पर गोलियां चलाते हुए एक व्यक्ति की हत्या और चार लोगों को घायल कर दिया था। घटना वाले दिन फौजा के बड़े भाई सागीर को हत्या के एक मामले में दोषी पाए जाने पर कोर्ट में सजा सुनाई गई थी। इससे खफा होकर फौजा व उसके पांच साथियों ने नाइट्रावेट का नशा करने के बाद जमकर शराब पी थी, फिर शहर भर में घूम-घूमकर पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की थी। घटना के कुछ सप्ताह बाद बड़े ही नाटकीय ढंग से फौजा ने रेलवे स्टेशन पर सरेंडर किया था।