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एक वार्ड ऐसा भी जहां… चूल्हा-चौका छोड़ देवरानी से चुनाव लड़ रहीं जेठानी

- भाजपा नेता ने अपनी पत्नी को लड़ाया निर्दलीय चुनाव  

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एक वार्ड ऐसा भी जहां है... चूल्हा-चौका छोड़ देवरानी से चुनाव लड़ेगी जेठानी

एक वार्ड ऐसा भी जहां है... चूल्हा-चौका छोड़ देवरानी से चुनाव लड़ेगी जेठानी

इंदौर। 85 वार्डों में से एक वार्ड ऐसा भी है जहां पर नौ प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होने जा रहा है। ये वार्ड 53 यानी आजाद नगर का है, जहां पर देवरानी और जेठानी के बीच मुख्य जंग मानी जा रही है। यहां से कांग्रेस की फौजिया शेख अलीम खड़ी हुई है तो निर्दलीय के रूप में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर अध्यक्ष शेख असलम की पत्नी शबनम ने मैदान पकड़ लिया।

रिश्ते में दोनों नेत्रियां देवरानी और जेठानी हैं। देवरानी यहां पर एक दशक से राज कर रही है। जेठानी अब उसकी सल्तनत को हिलाने के लिए घर के चूल्हे- चौके को छोड़कर मैदान में उतर आई है। बड़ी बात ये है कि जेठानी के पक्ष में परिवार के कई सदस्य भी आ गए हैं। ये मुकाबला शहर का सबसे रोचक होने की संभावना है क्योंकि दोनों ही पक्ष दमदारी से मैदान पकड़े हुए हैं।

नाम वापस नहीं लिया, ठीक है... अब मान जाओ

टिकट नहीं मिलने के बावजूद पौने तीन सौ भाजपाइयों ने नामांकन दाखिल कर दिया था। अधिकतर ने
कल आखिरी तारीख पर नाम वापस ले लिया। एक दर्जन के करीब बागी बचे हैं। उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने से पहले एक बार और मनाने का प्रयास किया जाएगा ताकि वे प्रत्याशी के समर्थन में बैठ जाएं।

नगर निगम चुनाव प्रत्याशियों के नाम वापसी की कल आखिरी तारीख थी। बागियों को मनाने के लिए इंदौर
भाजपा के सारे बड़े नेताओं ने ताकत लगा दी। असर ये हुआ कि ढाई सौ से अधिक नाराज कार्यकर्ताओं ने
संगठन हित में नाम वापस ले लिए। इसके बावजूद कई प्रत्याशी ऐसे हैं, जो अभी भी किला लड़ा रहे हैं। प्रदेश
अध्यक्ष वीडी शर्मा की तरफ से जारी हुई गाइड लाइन के हिसाब से तो तुरंत सभी बागियों को नोटिस थमाकर निष्कासित करना है, लेकिन इंदौर भाजपा ने अभी हार नहीं मानी है।

नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे अब क्षेत्रीय विधायकों को साथ में लेकर प्रयास करेंगे कि नाम वापस नहीं लेने वाले नेताओं को समझाकर प्रत्याशी के समर्थन में बैठा दें। इसके बावजूद भी नहीं मानते हैं तो पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देगी। मजेदार बात तो ये है कि वार्ड 11 से पांच बार के पार्षद मांगीलाल रेडवाल को मनाने के लिए पार्टी का कोई बंदा नहीं पहुंचा। स्पष्ट कर दिया कि इतनी बार मौका दिया, उसके बावजूद नामांकन दाखिल करने वालों की पार्टी को आवश्यकता भी नहीं है।

ये बागी मैदान में डटे...
वार्ड 11 - मांगीलाल रेडवाल
वार्ड 51 - कमल यादव
वार्ड 52 - तुलसी प्रजापत
वार्ड 57 - दिवाकर घायल
वार्ड 64 - रोशन सिलावट
वार्ड 80 - सुनिल तिवारी