
रसोई में रखे गैस सिलेंडर में आग दादा ने जलता सिलेंडर बाहर फेंका
इंदौर. परिवार आग की चपेट में न आ जाए, इसलिए दादा ने उन्हें सुरक्षित घर से बाहर निकालने के बाद जलते सिलेंडर उठाकर घर के बाहर फेंक दिया। इस प्रयास में उनके हाथ झुलस गए। आक्रोशित परिजन ने गैंस एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सुबह करीब नौ बजे मोहनलाल राठौर के घर में आग लगने से हड़कंप मच गया। बेटे विकास ने बताया, रसोई में मां तरुणा चाय बनाने पहुंचीं। गैस लीकेज के बाद बदबू आने का जैसे ही उन्हें अहसास हुआ, सिलेंडर ने आग पकड़ ली। उन्होंने जोखिम उठा रेगुलेटर बंद कर दिया, लेकिन पता चला की सिलेंडर किसी अन्य हिस्से से लीकेज है, जहां से तेज लपट निकल रही है। देखते ही देखते पूरे रसोई में आग फैल गई। पंखा, फ्रीज व अन्य सामान जलने लगा। मदद के लिए उन्होंने परिजनों को आवाज लगाई। घर में बहू रीतिका व बच्चे राघव (3) व प्रांजल (5) भी फंस गए। धुआं अधिक होने व आग फैलने के डर से बेटा, बहू व बच्चे घर से सुरक्षित बाहर निकल गए। लेकि न, रसोई में मां आग की लपटों में फंस गई। उन्होंने गैस सिलेंडर को दरवाजे की तरफ धकेला। उनका शोर सुन पहली मंजिल पर सो रहे पिता मोहनलाल मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने जलता सिलेंडर उठाकर घर के बाहर फेंका। जिससे उनके दोनों हाथ व सिर झुलस गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने के लिए रेती व पानी डाला, लेकिन आग नहीं बुझी। इस दौरान परिवार ने फायर ब्रिगेड को फोन किया। देर तक दमकलकर्मी के नहीं पहुंचने पर पड़ोसियों के लोगों ने घर में लगी आग पर काबू पाया, लेकिन सिलेंडर की आग को काबू नहीं कर पाए।
दूसरी कॉलोनी में चली गई फायर ब्रिगेड
विकास ने बताया, फायर ब्रिगेड गफलत में समाजवाद नगर की बजाए समाजवाद इंदिरा नगर पहुंच गए। हालांकि बाद में दमकलकर्मी उनकी कॉलोनी भी पहुंचे, लेकिन तब तक वे घर में लगी आग बुझा चुके थे। उन्होंने बताया, हाल में उनके यहां एजेंसी से गैस सिलेंडर आया। आरोप है एजेंसी कर्मचारियों ने बगैर जांच किए सिलेंडर की डिलेवरी दी। रात में खाना बनाते वक्त भी गैस लीकेज होना की बात सामने आई। सुबह हुई घटना से परिजन घबराए है।
Published on:
18 Apr 2019 04:50 pm
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