
इन पांच स्टेप से घर पर आसानी से बनाएं इकोफ्रेंडली गणेश जी
रीना शर्मा विजयवर्गीय @ इंदौर. शहरवासियों की भगवान गजानन में विशेष आस्था है। यहां गणेशोत्सव में हर घर में गणेश जी विराजते है। इस साल 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी आने वाली है लेकिन बाजारों में इसकी रोनक अभी से देखने को मिल रही है। गणेश पुराण में मिट्टी के गणपति की स्थापना का विशेष महत्व बताया गया है। भगवान गणेश से मनचाही मनोकामना पूर्ण करवाने के लिए इस बार घर पर ही बनाएं इको फ्रेंडली गणेश जी। प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां पर्यावरण को दूषित करती है। मिट्टी की मूर्तियां स्थापित करना पर्यावरण की दृष्टि से भी फायदेमंद है। इसीलिए इन दिनों मिट्टी के मूर्तियां स्थापित करने का प्रचलन बढ़ा है। आप इस वीडियो में दिखाई जा रही पांच स्टेप को फॉलो करके आसानी से घर पर ही मिट्टी के गणेश जी की स्थापना कर सकते है।
घर पर ईकोफ्रेंडली गणेश जी बनाने के लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी -
सामग्री - 1 किलो पेपरमेशी मिट्टी (यह किसी भी स्टेशनरी दुकान पर गूंथी हुई मिल जाएगी), पानी, फि?निशिंग के लिए ब्रश, मिट्टी की मूर्ति बनाने में उपयोग होने वाले औजार या चाकू, बोर्ड और पॉलीथिन।
पीली मिट्टी में कपास, गोंद, कागज का बुरादा और वाइट क्ले अच्छी तरह मिलाकर रखने के कुछ देर बाद उसे आटे की तरह अच्छी तरह से मैश कर लें।
इसके बाद मिट्टी को आकर देते हुए गणेश प्रतिमा बनाना शुरू करें।
सबसे पहले प्रतिमा को नीचे से यानी सिंहासन से आकार देते हुए पगड़ी तक आएं और फिर जब आकार दे दें तो उसे सूखने के लिए रख दें।
सूखने के बाद उसे कलर करना शुरू करें। कलर के लिए ब्रश का इस्तेमाल करें।
कलर मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं, ध्यान रहे कि वे इको फ्रेंडली ही हो।
इसके बाद आखिर में प्रतिमाओं का शृंगार, मोती, मीना व रंग-बिरंगे नगों से किया जा सकता है।
Updated on:
23 Aug 2018 04:50 pm
Published on:
23 Aug 2018 04:40 pm
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