
नगर निगम में प्रदर्शन करते कृष्णवाटिका कॉलोनी के रहवासी
इंदौर. 6 साल पहले जिस एरोड्रम क्षेत्र की कृष्ण वाटिका कॉलोनी को कार्यपूर्णता का प्रमाण पत्र दे दिया गया था। लेकिन उस कॉलोनी में न तो सड़क है न ही स्ट्रीट लाइट्स। ये आरोप लगाया है यहां के रहवासियों ने। मंगलवार को कॉलोनी के रहवासी नगर निगम पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पूरी नगर निगम में घूम-घूमकर अपनी परेशानी के बारे में बताते रहे। रहवासियों ने एक शिकायत भी नगर निगम आयुक्त कार्यालय में दर्ज कराई।
रहवासियों का आरोप है कि इस कॉलोनी को 2014 में तत्कालीन छोटा बांगड़दा पंचायत और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पूर्णता प्रमाण पत्र दे दिया गया। जिस समय इसे पूर्णता प्रमाण पत्र दिया गया, उस समय न तो इस कॉलोनी की एप्रोच रोड बनी थी। न ही कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट्स लगी थी। कॉलोनी में कई सड़कें भी गायब हैं। उसके बाद भी कॉलोनी को पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। यही नहीं इसी पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर नगर निगम से इस कॉलोनी में लोगों को बिल्डिंग परमिशन भी जारी की जा रही है। जबकि आज तक कॉलोनी की स्ट्रीट लाइट्स और सड़क नहीं बनी हैं। वहीं कॉलोनी को वैध और पूर्ण विकसीत बताकर कॉलोनाइजर लगातार प्लॉट्स का विक्रय कर रहे हैं। वहीं यहां प्लॉट लेने वाले लोगों को कीचड़ पानी में से होकर आना जाना पड़ता है।
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
यहां के रहवासियों ने जो शिकायत निगमायुक्त कार्यालय में दी है, उसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि वे लोग 2018 से लगातार इस कॉलोनी की शिकायत कर रहे हैं। पहले जोन 16 पर इसकी कई बार शिकायतें की गई, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कॉलोनाइजर पर भी उठाए सवाल
वहीं इस कॉलोनी को बसाने वाले कॉलोनाइजर नरेंद्र सिंह सोलंकी पर भी जनता ने सवाल उठाए हैं। रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी से जुड़े सभी दस्तावेजों में सोलंकी को जरूर कॉलोनाइजर बताया गया है, लेकिन वो असल में कोई ओर ही इसका कॉलोनाइजर था। उस पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई है।
Published on:
21 Sept 2021 09:37 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
