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World Dance Day-  राह और मंजिल दोनों है नृत्य

- शहर की युवा नृत्यांगनाओं ने शास्त्रीय नृत्य को ही बना लिया जीने का लक्ष्य

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Veejay Chaudhary

Apr 29, 2016

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इंदौर. शा स्त्रीय नृत्य आसान नहीं है। इसे सीखने और मंच पर आने तक बरसों की साधना चाहिए। बहुत धैर्य और लगन की जरूरत है। तेज रफ्तार जिंदगी में अभी भी कई युवा हैं जो शास्त्रीय नृत्य की शास्त्रीयता को समझते हुए मेहनत कर रहे हैं। वल्र्ड डांस डे के मौके पर रिपोर्टर रुखसाना मिर्जा ने एेसी युवा नृत्यांगनाओं से बात की जिन्होंने नृत्य को जीवन का लक्ष्य बना लिया है। बेहतरीन परफॉर्मर बनने के पक्के इरादे के साथ ये घंटों रियाज करती हैं और अपनी पढ़ाई और कॅरियर से ऊपर इन्होंने नृत्य को रखा है।

डांस के लिए बीबीए छोड़ा
आशिमा कोतवाल न्यू जीडीसी से डांस में बीए कर रही हैं। पिछले साल कॉमर्स से हायर सेकंडरी करने के बाद उन्होंने डांस के लिए बीबीए छोड़ कथक में ही ग्रेजुएशन करने का इरादा किया। डॉ. सुचित्रा हरमलकर की शिष्या आशिमा ने अपने आप को नृत्य के लिए समर्पित कर दिया हे। वे अपनी गुरु की परंपरा को आगे ले जाने के साथ-साथ अपना नाम कथक की दुनिया में रोशन करना चाहती हैं। पिछले दस साल से कथक सीख रहीं आशिमा के इस इरादे को उनके पैरेन्ट्स भी सपोर्ट कर रहे हैं।

इंजीनियरिंग से ज्यादा डांस को दी तरजीह
स्नेहा मधु दो महीने बाद सिविल इंजीनियर बन जाएंगी, लेकिन वे केवल भरतनाट्यम में ही अपना नाम रोशन करना चाहती हैं। 10 साल से भरतनाट््यम सीख रहीं स्नेहा के नृत्य के प्रति जुनून को पैरेन्ट्स भी समझते हैं। चार साल पढ़ाई के साथ नृत्य के रियाज के लिए उन्होंने दिनरात मेहनत की है। आशीष पिल्लई की शिष्या स्नेहा नृत्यांगना बनने के साथ शास्त्रीय कला को प्रमोट करना भी चाहती हैं।

डांस तो जीवन का जुनून है
मैथिली प्रचंड छह साल की उम्र से गुरु सविता गोडबोले से कथक सीख रही हैं। हालांकि मैथिली फाइन आर्ट में ग्रेजुएशन कर रही हैं, लेकिन उनका पूरा फोकस डांस पर ही है। डांस में ही कॅरियर बनाने के लिए परिवार ने पूरा सपोर्ट किया। मित्रों ने कहा कि इसमें कॅरियर ऑप्शन कम हैं लेकिन मैथिलि को इससे फर्क नहीं पड़ा, क्योंक डांस तो उनका जुनून है। वे रोज तीन-चार घंटे रियाज कर कथक के हर पहलू में पारंगत होना चाहती हैं।

सुजाता महापात्र हैं रोल मॉडल
ओडिसी के पितामह कहे जाने वाले गुरु केलुचरण महापात्र की बहू और ख्यात ओडिसी नृत्यांग्ना सुजाता महापात्र निधि खरे की रोल मॉडल हैं। डालिया दत्ता की शिष्या निधि ने हाल ही में बारहवीं का एग्जाम दिया है। शहर में ओडिसी में ग्रेजुएशन नहीं हैं इसलिए वे बीएससी के साथ ओडिसी की तालीम जारी रखेंगी। पिछले सात साल से ओडिसी की तालीम ले रही निधि को मालूम है कि ओडिसी परफॉर्मर बनने के लिए कितनी मेहनत की जरूरत है, इसलिए उन्होंने खुद को इसके लिए तैयार कर लिया है।

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