
राहत : टैंकर से घर पर फ्री मिलेगा पानी, व्यावसायिक संस्थाओं को सशुल्क
इंदौर. टैंकर से घर पर फ्री व व्यावसायिक संस्थाओं पर सशुल्क पानी देने का फैसला नगर निगम लेने जा रही है। कमर्शियल टैंकर का रेट तय करने को लेकर लोकसभा चुनाव बाद प्रस्ताव तैयार होगा। इसे मंजूरी के लिए एमआईसी में रखा जाएगा।
शहर के एक शोरूम पर नगर निगम के नि:शुल्क टैंकर द्वारा पानी बेचने का मामला उजागर होने के बाद अफसर सतर्क हो गए हैं। टैंकरों पर लगे जीपीएस के जरिए जहां अब पूरी तरह से मॉनिटरिंग हो रही है, वहीं लोगों के घर फ्री व व्यावसायिक संस्थाओं पर पैसे लेकर टैंकर से पानी डालने का फैसला लिया जा रहा है। चुनाव बाद कमर्शियल टैंकर के रेट तय करने को लेकर प्रस्ताव तैयार होगा। इसे मंजूरी के लिए मेयर-इन-कौंसिंल (एमआईसी) में रखा जाएगा। आचार संहिता के चलते निगम अभी टैंकर का रेट तय करने का नया काम नहीं कर सकती। हालांकि जब प्रस्ताव बनेगा, तब तक गर्मी खत्म होने लगेगी।
लोकसभा चुनाव 23 मई को खत्म होंगे और मानसून 15 जून से सक्रिय हो जाएगा। ऐसे में टैंकर के रेट तय करने का प्रस्ताव तो मंजूर हो जाएगा, गर्मी के खत्म होने पर पानी की जरूरत कम हो जाएगी। वैसे निगम एक बार रेट तय करने के बाद कमर्शियल टैंकर पूरे वर्ष चलाएगा।
अभी नहीं पैड टैंकर की व्यवस्था
शहर में जलसंकट के चलते निगम जहां अभी खुद के 83 टैंकर चला रहा है, वहीं ठेके पर तकरीबन 175 टैंकर लगाए हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी और बोरवेल सूखने के साथ नर्मदा का पानी कम मिलने लगेगा, वैसे-वैसे इनकी संख्या बढ़ती जाएगी। अभी निगम के पास पैड यानी पैसे लेकर टैंकर से पानी देने की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी टैंकर मुफ्त में पानी डाल रहे हैं, लेकिन टैंकर चालक पानी बेचने की हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं।
एक बार नामंजूर हो चुका प्रस्ताव
गर्मी में पानी की किल्लत होने पर निगम टैंकर के जरिए पूर्ति करता है। शहर में निगम सहित प्रायवेट टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। घरों पर व्यक्तिगत और व्यावसायिक रूप से टैंकर मंगवाने पर शुल्क लेने का फैसला पिछले वर्ष निगम जल यंत्रालय व ड्रेनेज विभाग प्रभारी बलराम वर्मा ने लिया था। प्रस्ताव तत्कालीन आयुक्त मनीष सिंह के जरिए परिषद में सचिव को पहुंचवाया गया, जिसे सचिव ने मंजूरी के लिए एमआईसी एजेंडे में शामिल कर लिया। टैंकर की क्षमता के हिसाब से घरेलू और व्यावसायिक शुल्क तय कर प्रस्ताव मंजूरी के लिए एमआईसी में रखा गया। चर्चा के दौरान जैसे ही टैंकर के माध्यम से सशुल्क किए जाने वाले जलप्रदाय के लिए रेट तय करने का प्रस्ताव आया, वैसे ही महापौर मालिनी गौड़ सहित सभी एमआईसी मेंबर ने प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। कारण टैंकर के जरिए पानी देने का शुल्क लेने का विरोध होने की आशंका सभी ने जताई। जनता को निगम के टैंकर से मुफ्त में पानी देने का फैसला लिया गया। लोगों को घर पर मुफ्त पानी देने के फैसले पर निगम कायम है, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए पानी लेने पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव बना रहा है, ताकि जनता का पानी किसी दुकान, होटल या शो रूम पर न बिके।
रुपए मांगने वाले की करें शिकायत
निगम अभी शहर में मुफ्त में पानी बांट रहा है। 85 वार्डों में पार्षदों और जोन पर कार्यरत पीएचई के इंजीनियर के माध्यम से टैंकर पानी बांट रहे है। नि:शुल्क होने के बावजूद पानी बेचा जा रहा है। इस पर निगम के टैंकर से पानी बांटने वालों द्वारा पैसे मांगने पर सीधे शिकायत भी की जा सकती है। पानी का पैसा मांगने पर टैंकर नंबर और ड्राइवर का नाम लिखकर सीधे निगमायुक्त से शिकायत जा सकती है, ताकि पानी बेचने वाले पर कार्रवाई हो सके।
मुझे बताएं, कार्रवाई होगी
टैंकर से घर पर फ्री व व्यावसायिक रूप से सशुल्क पानी देने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। चुनाव निपटते ही कमर्शियल टैंकर का रेट तय कर प्रस्ताव एमआईसी में रखा जाएगा। निगम टैंकर से पानी देने पर कोई पैसा मांगे, तो मुझे लिखित में शिकायत करें। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
- आशीष सिंह, निगमायुक्त
Published on:
09 Apr 2019 04:41 pm
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