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आप भी सार्थक कर सकते हैं ‘घर-घर सृजन, घर-घर विसर्जन’

चंद्रयान की झांकी में विराजमान होंगे महिलाओं और बच्चों के हाथों से बने ईको फ्रेंडली गणपति

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Sep 18, 2023

आप भी सार्थक कर सकते हैं ‘घर-घर सृजन, घर-घर विसर्जन’

इंदौर. कल घर-घर में गणपति बप्पा का सृजन होगा, ज्यादातर लोग अपने हाथों से बने मिट्टी के गणेशजी घर पर विराजित करेंगे। इसके लिए लोगों ने गणेश चतुर्थी के कई दिन पहले से ही मिट्टी के गणेशजी बनाना शुरू कर दिया था। किसी ने कार्यशाला आयोजित कर मिट्टी के गणेशजी बनाए तो किसी ने घर के लिए स्पेशल मूर्ति बनाई। इनका उद्देश्य गणेश प्रतिमा का घर पर ही विसर्जन करना भी है, ताकि वे पर्यावरण को दूषित होने से भी बचा सकें। ऐसे ही कुछ लोगों की तरह इन श्रेया पोरवाल के बताए स्टेप्स को फॉलो कर आप भी ईको फ्रेंडली गणेशजी अपने घर में स्थापित कर ‘घर-घर सृजन, घर-घर विसर्जन’ का उद्देश्य सार्थक कर सकते हैं।
ऐसे बनाएं इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा...
पहली स्टेप: मोल्डिंग क्ले (मिट्टी) को आटे की तरह गूंथ कर बड़ा गोला, बेस और पांव बनाएं।
दूसरी स्टेप : बड़े गोले के ऊपर छोटा गोला रखें। अब बड़े गोले के ऊपर की तरफ हाथ बनाकर लगाएं।
तीसरी स्टेप : छोटे गोले को सिर का आकार दें। सूंड बनाकर लगाएं और कान एवं दांत बनाएं।
चौथी स्पेप : सिर पर मुकुट बनाकर प्रतिमा का शृंगार करें, प्रथम पूज्य की प्रतिमा तैयार।
इस क्यूआर कोड को स्कैन कर देखें वीडियो और स्टेप्स को फॉलो कर घर में ही मिट्टी से इको फ्रेंडली गणेश जी की प्रतिमा बनाएं।
पेपर मेशे क्ले से बनातीं हैं गणेशजी की प्रतिमा
इनमें से ही एक शहर की आर्टिस्ट अर्पिता मंगल पिछले पांच साल से लोगों को इको फ्रेंडली गणपति बनाने का प्रशिक्षण दे रहीं हैं। उनकी खास बात यह है कि वे पेपर मेशे क्ले से ही मूर्ति बनाती है और किसी भी तरह के सांचे का उपयोग नहीं करती है। प्रतिमा में पोस्टर कलर्स का उपयोग कर उन्हें डायमंड, कुंदन व बीड्स से सजाती है और प्रतिमा में तुलसाजी के बीजों का भी उपयोग करती हैं। अर्पिता ने कहा अनंत ेचतुर्दशी पर घर पर ही गणेश प्रतिमा का विसर्जन करती हंू। वे कहती है प्रतिवर्ष कुछ नए रूप में गणपति बप्पा की प्रतिमा बनाती हंू। इस बार भारत को सबसे बड़ी उपलब्धि मिलने के अवसर पर चंद्रयान की झांकी के साथ गणपति बप्पा को विराजित करूंगी।
‘घर-घर सृजन, घर-घर विसर्जन’ का बताया महत्व
कलांजलि सोशल वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष हेमलता कुमार और श्रेया पोरवाल ने विद्यार्थियों को मिट्टी के गणपति बनाना सीखाएं और सभी को ‘घर-घर सृजन, घर-घर विसर्जन’ का महत्व समझाया।