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जानिए किसने बनाया युवराज उस्ताद जैसे गैंगस्टर के साथियों को संचालक!

सहकारिता विभाग के अफसरों की मिलीभगत, 200 की जगह बनाए 1074 सदस्य, जयहिंद गृह निर्माण संस्था का मामला

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dheeraj sharma

Mar 01, 2016

इंदौर. युवराज उस्ताद, अपराध की दुनिया का बड़ा नाम। शहर में जमीन से जुड़े हर दूसरे मामले में इस गैंगस्टर द्वारा उगाही के मामले सामने आते हैं। इसके साथी भी खासे कुख्यात हैं। बावजूद इसके सहकारिता विभाग के अफसरों की गैंगस्टर युवराज काशिद (उस्ताद) से जुड़े लोगों से मिलीभगत कर एक नई संस्था का गठन करवाया है।

अफसरों ने बायपास पर करोड़ों रुपए की जमीन रखने वाली जयहिंद गृह निर्माण संस्था के नियमों को तोड़कर युवराज से जुड़े लोगों पर आंख बंद रखी और इन्हें संस्था का संचालक तक बनवा दिया। संस्था को केवल 200 सदस्य बनाने की ही पात्रता खी, लेकिन उसने 1074 सदस्य बना डाले।

संस्था ने न केवल तय संख्या से अधिक सदस्य बनाए, बल्कि इनमें राकेश टकले, सोनू काशिद, मयंक उर्फ मयूर गवांडे, हेमंत काशिद, अनिवाश दारकुंदे, किशोर नारायण मोरे, मुकुल शेवाले, मनीष पंवार, विकास बांगर, सुनील गावडे जैसे नाम भी शामिल किए जो गैंगस्टर युवराज से जुड़े हुए हैं।

इन सभी को संस्था ने 2012 के पहले ही संस्था में संचालक बनाया। इनका सदस्यता नंबर 1400 से ज्यादा है, जबकि संस्था की लिस्ट में 1025 नंबर से इन लोगों के नाम शामिल हैं। यह सभी संस्था की निर्धारित सदस्य संख्या से कहीं ज्यादा सदस्यों में शामिल हैं। संस्था में इनके नाम से केवल शेयर मनी ही जमा है।

बन गए संचालक
निर्धारित संख्या के खिलाफ जाकर सदस्य बने कई लोग संस्था के वर्तमान में संचालक हैं। इनमें संस्था के वर्तमान उपाध्यक्ष सुभाष कचरूमल, संचालक कमलेश भंडारी, संदीप यादव सहित राकेश टकले, सोनू काशिद और मयंक उर्फ मयूर गवांडे शामिल हैं।

संस्था की सदस्य संख्या को लेकर ऑडिट में आपत्ति आई है। इस पर कार्रवाई करना संचालकों की जिम्मेदारी है। फिर भी हम संस्था के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
- राजेश क्षत्री, उपायुक्तसहकारिता

ऑडिट में भी आपत्ति
संस्था के ऑडिट नोट में भी इस बात का उल्लेख है कि संस्था केवल 200 सदस्य ही बना सकती है। 2012-13 के ऑडिट नोट में ऑडिटर की टीप में भी इस बात का साफ उल्लेख है। यही नहीं संस्था का ऑडिट करने वालों ने भी इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है, लेकिन इसके बाद भी आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।


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